जल गंगा संवर्धन अभियान में व्यापक रूप से हो रहे हैं जल-संरक्षण और जल-संवर्धन के कार्य : जल संसाधन मंत्री सिलावट

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जल गंगा संवर्धन अभियान में व्यापक रूप से हो रहे हैं जल-संरक्षण और जल-संवर्धन के कार्य : जल संसाधन मंत्री  सिलावट
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भोपाल

जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत गांव-गांव, नगर-नगर में जल-संरक्षण एवं जल-संवर्धन के कार्य व्यापक रूप से कराए जा रहे हैं। प्रदेश में गत तीन वर्षों से यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य वर्षा काल के पूर्व जल स्त्रोतों की साफ-सफाई, जीणोद्धार एवं आवश्यक मरम्मत कराए जाना है, जिससे वर्षा काल में इनमें पर्याप्त मात्रा में जल संग्रहण हो सके। इस अभियान में समाज के हर वर्ग का सहयोग लिया जा रहा है तथा इसे जन-आंदोलन का रूप दिया गया है। इस वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरूआत 19 मार्च को इंदौर से की गई थी, तब से यह अनवरत जारी है और 30 जून तक चलाया जाएगा।

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि अभियान के अंतर्गत प्रमुख रूप से जल संसाधन विभाग द्वारा विभागीय जल स्तोत्रों के समीप की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना, नहरों की साफ-सफाई, सुदृढ़ीकरण एवं सोंदर्यीकरण, जल संरचनाओं के किनारे फैंसिंग एवं वृक्षारोपण, तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो, घाट मरम्मत, लघु सिंचाई परियाजनाओं के फ्लशबार एवं स्लूस मरम्मत, स्टॉपडैम, बैराज, वियर, गेट मरम्मत, जलाशयों में रिसाव रोकने के लिए आवश्यक मरम्मत आदि कार्य कराए जा रहे हैं। विभाग द्वारा अभियान के अंतर्गत इस प्रकार के 1040 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इसी के साथ विभाग के सभी 9 कछारों में लघु सिंचाई परियोजनाओं में 102 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

जल संसाधन विभाग द्वारा कराए गए महत्वपूर्ण कार्य

मंत्री  सिलावट ने बताया कि अभियान के अंतर्गत भोपाल ज़िले में केरवा नदी के उद्गम स्थल की साफ-सफाई, उज्जैन में काजी खेड़ी, कृष्ण सुदामा तालाब स्‍लूस वैल की सफाई एवं उण्डासा तालाब व घाटों की साफ-सफाई, शाजापुर में रनायरा केलवा तालाब स्‍लूस वैल की सफाई, रतलाम में हसन पालिया एवं इंद्रपुरी बैराज गेट की मरम्मत, मुरैना में कोटा तालाब पर जंगल सफाई, लालोर स्टॉप डैम पर जंगल सफाई एवं मोधना स्टॉप डैम व अंबा शाखा नहर की साफ-सफाई, दतिया में दतिया नहर की सफाई, नर्मदापुरम में उपनहर पर जंगल सफाई एवं तवा बांध के डाउनस्ट्रीम में सफाई, सिवनी में अटारी जलाशय के स्लूस अप्रोच चैनल की साफ-सफाई, सीहोर में दोराहा जलाशय की सफाई, कोलार बांध के रोस्टम पर वृक्षारोपण व बुराड़ी लघु सिंचाई परियोजना एवं झालपिपली लघु सिंचाई परियोजना की पाल की सफाई, सागर में तिनसिमरपनी जलाशय के पाल की सफाई, दमोह में बंदरकोला लघु स्लूस वैल मरम्मत, छतरपुर में बैनी सागर मध्यम बांध की साफ-सफाई, पन्ना में देवी बैराज लघु गेट इंस्टॉलेशन एवं बृजपुर बैराज निर्माण, झाबुआ में काला पीपल तालाब की पाल की साफ-सफाई, सतना में बाणसागर वृहद परियोजना के अंतर्गत पुरवा नहर दुआरी सब माइनर को अतिक्रमण मुक्त करना, निवाड़ी में बेतवा नदी के घाट की साफ-सफाई, भिंड में राजघाट नहर परियोजना के अंतर्गत वी.आर.बी. मरम्मत एवं बेसली डैम पर सफाई, राजगढ़ में कुशलपुरा बांध के आसपास वृक्षारोपण, अशोक नगर में बरखेड़ा छज्जू तालाब की सफाई, गुना में नरेन मध्यम परियोजना के पाल की सफाई, विदिशा में सगड़ परियोजना के पाल की सफाई, रायसेन में ऊंचाखेड़ा जलाशय एवं लोअर पलकमती जलाशय के डाउनस्ट्रीम बंड पर साफ-सफाई, हरदा में तवा परियोजना माचक उपनहर में पुलिया निर्माण, बैतूल में सुनद्रा जलाशय मुख्य नहर साफ-सफाई एवं पारसडोह मध्यम परियोजना की पाइपलाइन मरम्मत, टीकमगढ़ में महेंद्र सागर जंगल सफाई एवं चतुरकारी तालाब कैनाल सफाई, देवास में दतुनी मध्यम परियोजना अंतर्गत गहरीकरण, मंदसौर में काका साहब गाडगिल सागर जलाशय में वृक्षारोपण और छिंदवाड़ा में पेंच व्यपवर्तन परियोजना हरदुआ नहर की साफ सफाई आदि के कार्य किए गए हैं।

 

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