हरियाणा के वन विभाग कर्मचारी को हाईकोर्ट से राहत, 1984 से नौकरी करने वाले बेलदार का नियमितीकरण बरकरार

Editor
3 Min Read

चंडीगढ़
 हरियाणा वन विभाग के बेलदार छोटू राम स्वामी को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से राहत मिली है। विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं, लेकिन श्रम न्यायालय ने बर्खास्तगी को अवैध ठहराकर बहाली का आदेश दिया था।

नियमितीकरण का लाभ पाने के लिए स्वामी को अलग से अदालत जाना पड़ा। हाई कोर्ट ने कहा कि सरकार की नीति के तहत पात्र कर्मचारियों को नियमित किया गया है, तो समान स्थिति वाले कर्मचारी को इस लाभ से वंचित नहीं रखा जा सकता।

जस्टिस हरकेश मनुजा ने हरियाणा सरकार की नियमित दूसरी अपील खारिज कर स्वामी के नियमितीकरण के पक्ष में दिए गए फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने बकाया वेतन और अन्य देय लाभ तीन महीने में देने का निर्देश दिया।

छोटू राम स्वामी को 1984 में हरियाणा वन विभाग में दैनिक वेतन पर बेलदार नियुक्त किया गया था। विभाग ने 1 अगस्त 1999 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। उन्होंने श्रम न्यायालय, रोहतक में इसे चुनौती दी। 10 जून 2011 को श्रम न्यायालय ने बर्खास्तगी अवैध ठहराते हुए बहाली, निरंतर सेवा का लाभ और 19 फरवरी 2002 के मांग नोटिस की तारीख से 50 प्रतिशत पिछला वेतन देने का आदेश दिया। 24 अप्रैल 2012 को उन्हें सेवा में वापस लिया गया।

स्वामी का कहना था कि वह हरियाणा सरकार की 1996 की नियमितीकरण नीति के तहत पात्र थे, लेकिन उनसे कनिष्ठ कुछ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने के बावजूद उन्हें लाभ नहीं मिला। सरकार ने कहा कि बेलदार का कोई स्वीकृत स्थायी पद नहीं था और अन्य कर्मचारियों को अदालत के आदेशों के अनुपालन में नियमित किया गया था।

हाई कोर्ट ने पाया कि नीति के तहत तीन वर्ष या अधिक की निरंतर सेवा और 31 जनवरी 1996 को सेवा में होना जरूरी था। स्वामी 1984 से कार्यरत थे और तय तारीख पर सेवा में थे। श्रम न्यायालय ने उन्हें निरंतर सेवा का लाभ दिया था। विभाग उनकी सेवा में तय सीमा से अधिक अंतराल का ठोस अभिलेख पेश नहीं कर सका। अदालत ने कहा कि अवैध बर्खास्तगी की अवधि को नियमितीकरण की पात्रता के खिलाफ नहीं गिना जा सकता।

कोर्ट ने साफ कहा कि यदि बकाया वेतन, भत्ते और छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अन्य लाभ जारी नहीं हुए हैं, तो प्रमाणित आदेश मिलने के तीन महीने में भुगतान करना होगा। देरी होने पर वास्तविक भुगतान तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live