छिंदवाड़ा में पानी बर्बाद किया तो कटेगा नल कनेक्शन, ₹10 हजार तक लगेगा जुर्माना

Editor
3 Min Read

छिंदवाड़ा
 नलों की टोटी खुली छोड़ी या पानी की बर्बादी की तो अब खैर नहीं होगी. नगर निगम भारी जुर्माना लगाने के साथ ही नल कनेक्शन भी काटेगा. नगर निगम के जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है, क्योंकि छिंदवाड़ा में पानी की किल्लत के चलते एक दिन के अंतराल में पानी की सप्लाई की जा रही है। 

जिससे होती थी वाटर सफ्लाई सिर्फ 5 प्रतिशत भरा
नगर निगम कमिश्नर सीपी राय ने बताया कि "चिंताजनक बात सामने आई है कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कम बारिश होने के कारण शहर का मुख्य जल स्रोत कन्हारगांव डेम मात्र 5 प्रतिशत ही भर पाया है, वहीं माचागोरा डेम भी अपनी कुल क्षमता से आधा ही भर सका है. जल स्तर की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आगामी गर्मी में हर नागरिक तक पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निगम प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से कई कड़े निर्णय लिए हैं। 

कंस्ट्रक्शन के लिए निगम से नहीं मिलेगा टैंकर, पानी बर्बाद किया तो लगेगा फाइन
शहर में पानी की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए बैठक में निर्णय लिया गया कि अब कन्स्ट्रक्शन वर्क के लिए नगर निगम का पानी टैंकर किसी भी स्थिति में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. इसके साथ ही पीने के पानी की बर्बादी रोकने के लिए पूरे शहर में रोको-टोको अभियान की शुरुआत की जा रही है. अभियान के तहत पानी की बर्बादी करने वालों पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही होगी। 

पानी की बर्बादी पर लगेगा 1 हजार से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना

इसके अंतर्गत पहली बार पानी व्यर्थ बहाते पाए जाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना और दूसरी बार उल्लंघन करने पर 2,000 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा. इसके बावजूद यदि कोई नागरिक जल की बर्बादी बंद नहीं करता है, तो संबंधित उपभोक्ता का नल कनेक्शन तत्काल काट दिया जाएगा और फिर से कनेक्शन जोड़ने के लिए 10,000 रुपये का शुल्क जमा कराना अनिवार्य होगा। 

टंकियों में लगेंगे अलार्म पानी, भरने पर करेगी अलर्ट
जलापूर्ति व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए मेन सप्लाई लाइन से जुड़े सीधे कनेक्शनों को तुरंत हटाकर उन्हें डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में शिफ्ट किया जाएगा, ताकि सभी क्षेत्रों में समान दबाव से पानी पहुंच सके. शहर की सभी ओवरहेड पानी टंकियों पर 'लेवल इंडिकेटर' लगाए जाएंगे, जिससे जलभराव और ओवरफ्लो की डिजिटल निगरानी की जा सकेगी. इसके साथ ही गंदे पानी की शिकायतों पर त्वरित नियंत्रण पाने, सार्वजनिक नलों से होने वाले जल बहाव को रोकने के लिए उन्हें बंद करने तथा भविष्य के लिए माचागोरा डेम से स्थायी रूप से अतिरिक्त पानी लाने की योजना तैयार करने पर भी विस्तार से सहमति बनी है। 

 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live