महाकाल मंदिर के सामने गरजा बुलडोजर, 65 साल पुराना परचुरे भवन 60 मिनट में जमींदोज; जानें वजह

Editor
4 Min Read

उज्जैन 

 उज्जैन में महाकाल मंदिर के सामने स्थित परचुरे भवन को बुधवार हाई कोर्ट का स्टे हटने के बाद राजस्व विभाग इर नगर निगम ने देर रात बुलडोजर कार्यवाही करते हुए ध्वस्त कर दिया गया। बता दे कि यह जर्जर मकान लगभग 60 से 65 साल पुराना है और महाकाल मंदिर के सामने था। मंदिर विस्तारीकरण के समय मकान मालिक हाई कोर्ट से स्टे ले आया था ,जिस वजह से मंदिर के सामने का काम रुका हुआ था। देर रात महाकाल शयन आरती के बाद रात करीब 11 बजे नगर निगम ने यह कार्रवाई लगभग 60 मिनट में पूरी करते हुए ध्वस्त कर दिया।

65 साल पुराना था मकान
उज्जैन के महाकाल मंदिर के सामने देर रात 65 साल पुराना जर्जर अवस्था के परचुरे मकान पर निगम का बुलडोजर एक्शन सामने आया है।बताया जा रहा है कि 1200 से 1500 वर्गफीट क्षेत्र में बने इस जी प्लस वन भवन को देर रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हटाया गया। परचुरे भवन का यह मामला महाकाल मंदिर विस्तारीकरण के दूसरे चरण से भी जुड़ा हुआ है।भगवान महाकाल की सवारी के दौरान इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहते हैं। ऐसी स्थिति में यदि लोग जर्जर भवन की छत या ऊपरी मंजिल तक पहुंचते तो भवन पर अतिरिक्त भार पड़ सकता था, जिससे गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती,इसी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन को हटाने की कार्रवाई की गई।

मैनिट की रिपोर्ट में बताया जोखिमपूर्ण
MANIT की तकनीकी रिपोर्ट में भवन की भार वहन करने वाली चिनाई की दीवारों के बाहर की ओर झुकने, दीवारों में व्यापक दरारें, सहायक स्टील गर्डरों में क्षरण, पारंपरिक छत प्रणाली के कमजोर होने, कई स्थानों पर सीलन और सीढ़ियों में खराबी जैसी गंभीर कमियां सामने आई थीं। रिपोर्ट में भीड़भाड़ के दौरान भवन के उपयोग को जोखिमपूर्ण बताया गया था।

अधीक्षण यंत्री प्रमोद मालवीय के अनुसार, भगवान महाकाल की सवारी के दौरान इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहते हैं। ऐसी स्थिति में यदि लोग जर्जर भवन की छत या ऊपरी मंजिल तक पहुंचते तो भवन पर अतिरिक्त भार पड़ सकता था, जिससे गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती।

इसी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन को हटाने की कार्रवाई की गई। लगभग 1200 से 1500 वर्गफीट क्षेत्र में बने इस जी प्लस वन भवन को देर रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हटाया गया। परचुरे भवन का यह मामला महाकाल मंदिर विस्तारीकरण के दूसरे चरण से भी जुड़ा हुआ है।

क्या बताई गई घर को तोड़ने की वजह
तकनीकी रिपोर्ट में भीड़भाड़ के दौरान भवन के उपयोग को जोखिमपूर्ण बताया गया था,ओर कहा गया था कि भवन की भार वहन करने वाली चिनाई की दीवारों के बाहर की ओर झुकने, दीवारों में व्यापक दरारें, सहायक स्टील गर्डरों में क्षरण, पारंपरिक छत प्रणाली के कमजोर होने, कई स्थानों पर सीलन और सीढ़ियों में खराबी जैसी गंभीर कमियां सामने आई थीं।

नगर निगम के अधीक्षण यंत्री प्रमोद मालवीय ने बताया कि यह भवन 60 से 65 साल पुराना था और आरसीसी संरचना का नहीं था। यह ओपन फाउंडेशन पर बना था और इसकी संरचनात्मक स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। भवन की स्थिति का आकलन करने के लिए भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) की तकनीकी टीम से निरीक्षण कराया गया था।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live