नवीन श्रम संहिताओं से नियोक्ता और कर्मचारियों के अधिकारों एवं संबंधों को मिलेगा बेहतर आधार : सचिव श्रम राजेन्द्रन

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भोपाल

श्रम विभाग और वी.वी. गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में 19-20 अगस्त 2026 तक नवीन चार श्रम संहिताओं के संबंध में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। सचिव श्रम  रघुराज राजेन्द्रन ने नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बदलते औद्योगिक एवं वैश्विक परिवेश के अनुरूप श्रम कानूनों में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इससे नियोक्ता और कर्मचारियों के अधिकारों एवं संबंधों को मिलेगा बेहतर आधार मिलेगा। 

सचिव  राजेन्द्रन ने कहा कि वर्ष 1958 के मध्यप्रदेश शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट्स अधिनियम के स्थान पर नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके साथ ही वर्ष 1936 तथा 1960-61 के 29 पुराने श्रम संबंधी प्रावधानों को निरसित करते हुए 4 नवीन श्रम संहिताएं लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व व्यवस्था में दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों पर अधिक प्रतिबंधात्मक प्रावधान थे, जबकि नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य नियोक्ता एवं कर्मचारियों के अधिकारों और उनके पारस्परिक संबंधों को अधिक संतुलित, मैत्रीपूर्ण एवं प्रभावी बनाना है।

सचिव  राजेन्द्रन ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभर रहा है। तकनीकी बदलाव अब तक केवल उपकरणों तक सीमित रहे, लेकिन एआई की विश्लेषणात्मक क्षमता कार्यबल एवं रोजगार के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाएगी। उन्होंने कहा कि नियम निर्माण के दौरान संभावित जोखिमों को कम करने पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आयोजित यह कार्यशाला चार नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बेहतर एवं समावेशी श्रम व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यशाला के प्रथम दिवस में नई श्रम संहिताओं की पृष्ठभूमि, उद्देश्य एवं क्रियान्वयन रूपरेखा, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता (OSH Code), 2020 के प्रमुख प्रावधान एवं क्रियान्वयन, व्यावहारिक मुद्दों एवं केस आधारित चर्चा, क्रियान्वयन की चुनौतियों एवं एआई आधारित समाधान, तथा वेतन संहिता (Code on Wages), 2019 के प्रमुख प्रावधान, व्यावहारिक क्रियान्वयन एवं केस आधारित चर्चा जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। कार्यशाला में उपसचिव श्रम मती रानी बाटड़ और उप श्रम आयुक्त मती मेघना भट्ट भी उपस्थित थी। पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. मेघना दासगुप्ता तथा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की तकनीकी समिति सदस्य सु भावना कस्तूरिया ने विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार साझा किए। 

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