यूनेस्को की रोक से थमा शिमला रेलवे स्टेशन का 13 करोड़ विकास कार्य

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अंबाला
 केंद्र की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत वैश्विक हेरिटेज शिमला रेलवे स्टेशन के बड़े बदलाव पर यूनेस्को ने रोक लगा दी है। योजना के तहत इसके लिए 13 करोड़ 51 लाख रुपये मंजूर हुए थे।

आधुनिक और वर्ल्ड क्लास बनाने का ब्लूप्रिंट भी तैयार है, लेकिन यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट सूची में शामिल इस स्टेशन के नवनिर्माण में नियमों का पेंच आड़े आ गया है। इस रेलखंड पर मूल ढांचे में किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव बिना अनुमति संभव नहीं है।

17 जुलाई को प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अंबाला रेल मंडल के पांच स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। इनमें कालका, अंब अंदौरा, आनंदपुर साहिब, साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) और नवनिर्मित करटौली स्टेशन शामिल हैं।

अंबाला शहर के लिए नई पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी
उद्घाटन के साथ ही करटौली से अंबाला शहर के लिए नई पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी। कालका स्टेशन को 31.42 करोड़ रुपये से नई पार्किंग, आधुनिक शौचालय, उन्नत प्लेटफार्म शेल्टर, लिफ्ट और रैंप जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

अंब अंदौरा स्टेशन पर 23.84 करोड़ रुपये खर्च कर विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक प्रतीक्षालय, एग्जीक्यूटिव लाउंज, अतिरिक्त टिकट काउंटर तथा दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं विकसित की गई हैं।

आनंदपुर साहिब स्टेशन पर 22.20 करोड़ की लागत से फुटओवर ब्रिज, हाई-मास्ट एलईडी लाइटें, एग्जीक्यूटिव लाउंज और श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रतीक्षालय बनाया है। साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) स्टेशन पर 22.17 करोड़ की से 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज, प्लेटफार्म आधुनिकीकरण, लिफ्ट, पथ, आधुनिक प्रतीक्षालय और बेहतर प्रकाश व्यवस्था की गई है।

2008 में वैश्विक धरोहरों में शामिल किया था ट्रैक
नौ नवंबर 1903 से शुरू हुआ कालका-शिमला रेल का सफर आ भी अनवरत जारी है। हिमालय की पहाड़ी पर यह स्टेशन समुद्र तट से 2800 फीट ऊचाई पर है। इस पर 18 रेलवे स्टेशन हैं। 7 जुलाई 2008 को कालका-शिमला रेलवे को यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों में शामिल किया गया था।

 

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