पंजाब कांग्रेस में कलह के बीच एक्टिव हुए भूपेश बघेल, चन्नी-वड़िंग विवाद सुलझाने की कवायद तेज

Editor
3 Min Read
पंजाब कांग्रेस में कलह के बीच एक्टिव हुए भूपेश बघेल, चन्नी-वड़िंग विवाद सुलझाने की कवायद तेज
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

चंडीगढ़.

पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले उभरी अंदरूनी खींचतान को शांत करने के लिए पार्टी हाईकमान ने सक्रियता बढ़ा दी है। पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल सोमवार दोपहर तकरीबन 3 बजे चंडीगढ़ पहुंचेंगे। सूत्रों के अनुसार वह अगले करीब पांच दिनों तक पंजाब में रहकर पार्टी नेताओं से अलग-अलग बैठकें करेंगे और विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा करेंगे।

छत्तीसगढ़ से रवाना होने से पहले भूपेश सिंह बघेल ने कहा—
""पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर मैं पंजाब दौरे पर जा रहा हूं। चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से कमेटियां गठित की जा चुकी हैं। यूथ कांग्रेस के चुनाव भी हो चुके हैं। पंजाब के सभी साथियों से मिलकर चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।""

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव समिति के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की नाराजगी के बीच हाईकमान डैमेज कंट्रोल में जुटा है। इसी क्रम में भूपेश बघेल सबसे पहले चन्नी और कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनकी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत अन्य नेताओं के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं।

संगठन मजबूत करने पर हाईकमान का फोकस
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व फिलहाल चुनाव समिति में किसी तरह के बदलाव के पक्ष में नहीं है। पार्टी का फोकस संगठन को एकजुट कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देना है। इस बीच एआईसीसी के पंजाब के तीन सह प्रभारी हीना कावरे, रविंदर डलवी और सूरज ठाकुर भी चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। सभी नेता प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात और संगठन की स्थिति का फीडबैक लेंगे।

हाईकमान मतभेद दूर करने में जुटा
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने चुनावी रणनीति को लेकर नेताओं से वन-टू-वन मुलाकातों का दौर शुरू कर दिया है। दूसरी ओर चरणजीत सिंह चन्नी भी अपने समर्थक नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। ऐसे में हाईकमान की कोशिश दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर कर चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश देने की है। कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी के विदेश दौरे से 7 जुलाई तक लौटने से पहले पंजाब के हालात पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना चाहता है। भूपेश बघेल दौरे के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को पंजाब की राजनीतिक स्थिति और चुनावी तैयारियों पर रिपोर्ट सौंपेंगे। दिल्ली में रवाना होने से पहले भूपेश बघेल ने भी कहा कि कांग्रेस में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है और सभी नेता मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *