सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण बने आनंदोत्सव, हर बच्चे की हो सहभागिता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Editor
4 Min Read
सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण बने आनंदोत्सव, हर बच्चे की हो सहभागिता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में लोकार्पण के लिए तैयार हो चुके प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन विद्यालयों का लोकार्पण औपचारिक कार्यक्रम न होकर शिक्षा, संस्कृति और जनभागीदारी का सामाजिक उत्सव बने। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित 'स्कूल चलें अभियान' के दौरान आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में बच्चों, उनके अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण आनंद के उत्सव के रूप में मनाया जाए। यह नए भवनों के उद्घाटन के साथ हमारे नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अध्याय का शुभारंभ है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रमों को यादगार बनाने के लिए बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न प्रतियोगिताएँ तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएँ। साथ ही सभी बच्चों को स्वल्पाहार एवं मिष्ठान्न वितरित किया जाए, जिससे यह अवसर उनके लिए अविस्मरणीय बन सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु सांदीपनि के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित एक लघु पुस्तिका (पॉकेट बुक) प्रकाशित कर विद्यार्थियों में वितरित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुरु सांदीपनि तत्समय सामाजिक समरसता के सबसे बड़े पैरोकार थे। उन्होंने जाति, वर्ग, रंग का भेद न करके अमीर-गरीब से लेकर राज परिवार के बच्चों सहित गरीबों और किसानों के बच्चों को शिक्षा-दीक्षा दी। सभी को समान रूप से दीक्षित किया। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में हम सबके विशेषकर विद्यार्थियों को जानना जरूरी है। इससे विद्यार्थियों को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, गुरु-शिष्य संबंधों और नैतिक मूल्यों के बारे में जानकारी और प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण पहले ही हो चुका है, वहाँ प्रवेशोत्सव उत्साहपूर्वक आयोजित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों से जुड़ाव बढ़े। उन्होंने अधिकारियों से सभी तैयारियाँ समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक सांदीपनि विद्यालय प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और आधुनिक शिक्षा का आदर्श केंद्र बने। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह तथा स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने वर्चुअली सहभागिता की।

बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने बताया कि वर्तमान में 70 सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के 46 एवं जनजातीय कार्य विभाग के 24 (कुल 70) सांदीपनि विद्यालय लोकार्पण के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों के प्रभारी मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में इनका लोकार्पण कराया जाये। उन्होंने कहा कि आने वाली गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) के दिन हर जिले के एक सांदीपनि विद्यालय में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया जाये। इसमें विज्ञान प्रदर्शनी आयोजन, गुरुजनों का सम्मान, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा किए गए नवाचारों की जानकारी प्रदाय, विद्यार्थियों द्वारा डिजिटल एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रदर्शन सहित स्कूल के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान जैसे आयोजन किये जायें।

बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य  गुलशन बामरा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *