किसानों के मसीहा थे चौधरी चरण सिंहः मुख्यमंत्री

Editor
3 Min Read
किसानों के मसीहा थे चौधरी चरण सिंहः मुख्यमंत्री
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

किसानों के मसीहा थे चौधरी चरण सिंहः मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि 

चौधरी साहब कहते थे कि देश के विकास का रास्ता गांव, खेत व खलिहालों से होकर जाता हैः सीएम योगी 

सीएम ने कहा- कृषि, राजस्व के क्षेत्र में अनेक रिफॉर्म का श्रेय चौधरी चरण सिंह को

किसानों के हित से जुड़े अनेक कार्यक्रम चला रही उत्तर प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने विधान भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत मां का महान सपूत और किसानों का मसीहा बताया। 

चौधरी साहब को जाता है कृषि, राजस्व के क्षेत्र में अनेक रिफॉर्म का श्रेय 
मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। वह देश के स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े थे। देश में कृषि, राजस्व के क्षेत्र में तमाम रिफॉर्म का श्रेय उन्हें जाता है। उनका स्पष्ट मत था कि देश के विकास का रास्ता गांव, खेत व खलिहालों से होकर जाता है। 

सरकार की प्राथमिकता का हिस्सा होना चाहिए किसान 
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान विकास के एजेंडे और सरकार की प्राथमिकता का हिस्सा होना चाहिए। शासन की योजनाएं किसानों को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। चौधरी चरण सिंह द्वारा देशहित में किए गए कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें भारत रत्न की उपाधि से भी सम्मानित किया गया। 

किसानों के हित से जुड़े अनेक कार्यक्रम चला रही उत्तर प्रदेश सरकार
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार चौधरी चरण सिंह की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए किसानों के हित से जुड़े अनेक कार्यक्रम चला रही है। इसमें लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क का निर्माण भी महत्वपूर्ण है। देश के प्रमुख राजनेता होने के साथ ही उन्होंने देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था। 29 मई 1987 को उनका देहावसान हुआ। 

इस दौरान कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री केपी मलिक, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, उमेश द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *