सर्वोदय विद्यालयों के 5123 छात्रों को मिलेगा स्किल ट्रेनिंग, पढ़ाई के साथ सीखेंगे हुनर

Editor
3 Min Read

बांदा
 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब यहां पढ़ने वाले छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ रोजगारपरक हुनर का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत इसकी तैयारी पूरी कर ली है। इस योजना से मंडल के सात विद्यालयों में अध्ययनरत 5123 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

मंडल में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कुल सात जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इसमें बांदा जिले में दो, चित्रकूट में तीन, जबकि हमीरपुर और महोबा में एक-एक विद्यालय संचालित है। ये सभी आवासीय विद्यालय हैं, जहां मुख्य रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब मेधावी छात्रों को निशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है।

अभी तक इन विद्यालयों में केवल अकादमिक शिक्षा यानी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई ही कराई जाती थी। अब सरकार ने इन छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बड़ी पहल की है।

स्किल इंडिया मिशन को बढ़ावा देते हुए इन विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों को उनकी स्कूली पढ़ाई के साथ ही कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इन सेक्टरों में मिलेगा प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक के अनुसार छात्रों को उनकी रुचि के आधार पर विभिन्न रोजगारपरक सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से अपैरल सेक्टर, आईटी-आईटीईएस, रिटेल मैनेजमेंट, ब्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रानिक्स व आटोमोबाइल जैसे सेक्टर शामिल हैं। छात्रों को तीन माह से लेकर छह माह तक का सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा, ताकि इंटरमीडिएट पास करते ही उनके हाथ में डिग्री के साथ-साथ हुनर का प्रमाण पत्र भी हो।

निश्शुल्क मिलेगा प्रशिक्षण, सरकार उठाएगी खर्च
प्रशिक्षण का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके लिए विद्यालयों में ही प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी। सप्ताह में दो दिन प्रैक्टिकल क्लास भी आयोजित की जाएगी।

प्रशिक्षण के बाद छात्रों का मूल्यांकन कर उन्हें उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएसडीसी) का संयुक्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जो पूरे देश में मान्य होगा।

रोजगार से सीधा जुड़ाव होगा
इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के लिए भटकना न पड़े। अक्सर देखा जाता है कि सर्वोदय विद्यालयों के छात्र इंटर के बाद उच्च शिक्षा के लिए संसाधनों के अभाव में रोजगार की तलाश में लग जाते हैं। हुनर प्रशिक्षण मिलने से वे स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे या फिर निजी कंपनियों में सीधे नौकरी पा सकेंगे।

शासन से इस संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त हो गए हैं। जल्द ही विद्यालयवार छात्रों का पंजीकरण शुरू कर ट्रेड का आवंटन किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा जो कौशल प्रशिक्षण की मानिटरिंग करेगा। -अभिषेक चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live