कनाडा में फर्जी शादी कर वीजा लेने वालों पर 5 साल का बैन, पंजाब से सालाना 35 हजार केस

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जालंधर
कनाडा जाने के लिए पंजाब से फर्जी शादियां करके आना अब आसान नहीं होगा। इसके बढ़ने चलन को रोकने के लिए कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने कहा कि झूठ पकड़े जाने पर आरोपी की 5 साल के लिए कनाडा एंट्री बैन कर दी जाएगी।

विभाग का कहना है कि शादी के जरिए कनाडा बुलाने वाले फर्जीवाड़े लगातार बढ़ रहे हैं और पंजाब से ठग दुल्हन-दूल्हों की दर्जनों शिकायतें सामने आई हैं।

IRCC ने सलाह दी है कि किसी से भी शादी करके उसे कनाडा लाने से पहले पूरी तरह सोच-विचार कर लें।अधिकारियों ने कुछ मुख्य रेड फ्लैग्स पर ध्यान देने को कहा है।

कनाडा सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई कनाडाई नागरिक या परमानेंट रेजिडेंट (PR) इस तरह के फर्जी रिश्ते में शामिल पाया जाता है, तो उस पर क्रिमिनल चार्ज लगेंगे। झूठ पकड़े जाने पर 3 साल तक अपने साथी का पूरा आर्थिक खर्च उठाना पड़ेगा, चाहे शादी अगले ही दिन क्यों न टूट जाए। अगर इस दौरान स्पॉन्सर्ड व्यक्ति सरकारी सोशल असिस्टेंस का लाभ लेता है, तो सरकार वह पूरा पैसा स्पॉन्सर से ही वसूल करेगी, इसलिए पैसों के लालच में आकर ऐसी कांट्रैक्ट मैरिज में न पड़ें। पकड़े जाने पर वीजा तुरंत रिजेक्ट किया जाएगा अप्लाई करने वाले आवेदकों के लिए भी IRCC ने कड़ा रुख अपनाया है। झूठी शादी करके वीजा हासिल करना कानूनन गंभीर अपराध है, और ऐसा करने पर वीजा तुरंत रिजेक्ट करने के साथ-साथ कनाडा में एंट्री पर 5 साल का बैन लगा दिया जाएगा। यह चेतावनी पंजाब में बढ़ रहे कंट्रैक्ट मैरिज और चीटिंग ब्राइड के मामलों के बाद जारी की गई है ताकि लोग धोखेबाजों और ठगों से सतर्क रहें। सरकार ने अपील की है कि केवल सच्चे और असली रिश्ते ही बनाएं और फर्जीवाड़े में अपनी मेहनत की कमाई बर्बाद न करें।

कनाडा सरकार को मिल रही पति-पत्नी को छोड़ने की शिकायतें कनाडा के इमिग्रेशन अधिकारियों (IRCC) और बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) को बीते कुछ सालों में स्पॉन्सरशिप फ्रॉड की हजारों शिकायतें मिली हैं। सबसे आम समस्या यह आ रही है कि विदेशी नागरिक फर्जी विवाह करके कनाडा पहुंचते ही अपने कनाडाई स्पॉन्सर (पति/पत्नी) को छोड़कर गायब हो जाते हैं। इसके अलावा कई मामलों में मोटी रकम लेकर केवल कागजों पर शादी दिखाने वाले रैकेट और बिचौलियों की सक्रियता सामने आई है। इमिग्रेशन विभाग के अनुसार, इस प्रकार के फर्जीवाड़े से जहां वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों के केस अटक जाते हैं, वहीं कनाडाई वेलफेयर सिस्टम पर भी आर्थिक बोझ पड़ता है क्योंकि धोखा खाए स्पॉन्सर बाद में भारी कर्ज और सामाजिक सहायता के फेर में फंस जाते हैं।

पंजाब से हर साल 35 हजार लोग शादी करवाकर जा रहे पंजाब में कंट्रैक्ट मैरिज या IELTS पास लड़की के खर्च पर लड़के के कनाडा जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। आंकड़े बताते हैं कि हर साल पंजाब से औसतन 35 हजार युवा स्पॉन्सरशिप, स्टूडेंट स्पाउस वीजा और कंट्रैक्ट मैरिज के जरिए कनाडा जा रहे हैं। केवल डोंकी-कांट्रैक्ट में ही हर साल करोड़ों रुपए का लेन-देन होता है, जहां लड़की की पढ़ाई या फाइल का 20 से 30 लाख रुपए का खर्च लड़के का परिवार उठाता है। हालांकि, कनाडाई पीआर मिलते ही लड़की द्वारा रिश्ता तोड़ने के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई है, जिसके चलते केवल पंजाब में हर साल सैकड़ों पीड़ित परिवार पुलिस थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

पंजाबी मूल का कनाडाई PR फर्जी शादी करता है तो 3 साल खर्चा देना होगा कनाडा सरकार की इस सख्ती और नए नियमों का पंजाब के इमिग्रेशन ट्रेंड्स पर सीधा और बड़ा असर देखने को मिलेगा। अब शादी के तुरंत बाद स्पॉन्सरशिप फाइल लगाने वाले आवेदनों की बेहद बारीकी से गहन जांच की जा रही है। जांच में थोड़ा भी संदेह होने पर फाइल रिजेक्ट कर 5 साल का बैन लगाया जा रहा है। इससे पंजाब के उन परिवारों को सतर्क होना पड़ेगा जो बिना सोचे-समझे केवल विदेश भेजने के लिए लाखों रुपये खर्च कर जल्दबाजी में कांट्रैक्ट मैरिज कर लेते हैं। वहीं, जो कनाडाई पीआर/नागरिक भारतीय युवक या युवतियां पंजाब आकर शादी करते हैं, उन्हें भी 3 साल की वित्तीय जिम्मेदारी का कड़ा अहसास रहेगा, जिससे फर्जी शादियों के कारोबार में शामिल एजेंटों और धोखेबाजों पर लगाम कसेगी।

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