भोपाल
मध्यप्रदेश टाइगर फाउण्डेशन समिति की 22वीं शासी निकाय की बैठक प्रमुख सचिव वन संदीप यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। बैठक में टाइगर फाउण्डेशन समिति की 21वीं बैठक का अनुमोदन किया गया। बैठक में वन्य एवं वन्य-जीव संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं प्रस्तावों की समीक्षा की गई। संरक्षित क्षेत्रों, वन मण्डलों में वन्य-जीव संरक्षण, आवास विकास, मानव वन्य-जीव संघर्ष न्यूनीकरण, अनुसंधान, अध्ययन, जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन के साथ ब्लैकबक कैप्चर ऑपरेशन से संबंधित कार्यों के लिये लगभग 22.79 करोड़ की राशि के प्रस्ताव स्वीकृत किये गये। समिति के वर्ष 2026-27 के वार्षिक कार्य-योजना (एपीओ) का भी अनुमोदन किया गया। साथ ही टाइगर फाउण्डेशन समिति की 22वीं बैठक की कार्यसूची के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रमुख सचिव यादव ने कहा कि टाइगर फाउण्डेशन समिति की बैठक हर 3 माह में आयोजित की जाये। उन्होंने कहा कि इससे कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता आयेगी। यादव ने कहा कि वन्य-जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये जागरूकता बढ़ाने के लिये क्षेत्रीय स्तर पर चरवाहा सम्मेलन आयोजित करने पर बल दिया गया। बैठक में जिन कार्यों की स्वीकृति दी गई है, उन्हें नियमानुसार गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव डॉ. समीता राजौरा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास), अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण) अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) एल. कृष्णमूर्ति एवं संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान बैठक में उपस्थित रहे। अपर पुलिस महानिदेशक एवं अध्यक्ष टाइगर सेल, सदस्य सचिव, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं संचालक माधव राष्ट्रीय उद्यान, मुख्य वन संरक्षक, वन वृत्त सागर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, क्षेत्र संचालक कान्हा, बाँधवगढ़, पेंच और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व वर्चुअली शामिल हुए।
