नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने दो मेट्रो स्टेशनों के नाम बदल दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली राज्य नामकरण प्राधिकरण (SNA) की सिफारिश के बाद पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार पॉकेट-I मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘श्री राम मंदिर मयूर विहार’ कर दिया गया है, जबकि पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन अब ‘मधुबन चौक’ के नाम से जाना जाएगा। नाम बदलने की मंजूरी मिलने के बाद DMRC ने दोनों स्टेशनों पर साइनेज और सूचना बोर्ड अपडेट कर दिए हैं। यात्रियों को किसी असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक घोषणाएं और डिजिटल डिस्प्ले भी बदले जा रहे हैं।
सालों से मांग कर रहे थे लोग
त्रिलोकपुरी के विधायक रविकांत उज्जैन ने स्टेशन का नाम बदले जाने पर कहा कि इससे लंबे समय से चली आ रही सार्वजनिक मांग पूरी हुई है। उन्होंने बताया कि लोग वर्षों से यह मांग कर रहे थे कि मेट्रो स्टेशन का नाम मंदिर के नाम पर रखा जाए, लेकिन पहले इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने कहा, “पिछले छह महीनों से मैं इस मामले को गंभीरता से देख रहा था। मैंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने भी यह मुद्दा उठाया और इस संबंध में पत्र लिखे। आखिरकार यह नाम परिवर्तन हुआ, जो वास्तविक जन-भावना की पूर्ति है।”
मयूर विहार स्टेशन प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट
त्रिलोकपुरी के विधायक ने आगे कहा कि श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन, जो दिसंबर 2018 में दिल्ली मेट्रो के फेज-III विस्तार के तहत शुरू किया गया था, आज पूर्वी दिल्ली के यात्रियों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट बन चुका है। उन्होंने बताया कि यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सबसे लंबे कॉरिडोर पर स्थित है और आवासीय इलाकों को प्रमुख कमर्शियल हब से जोड़ता है। साथ ही यह क्षेत्र की भीड़भाड़ वाली मुख्य सड़कों का प्रभावी विकल्प भी प्रदान करता है, जिससे रोज़ाना यात्रियों को काफी सुविधा मिलती है।
क्या है राज्य नामकरण प्राधिकरण (SNA)?
राज्य नामकरण प्राधिकरण (State Naming Authority – SNA) दिल्ली सरकार का एक गैर-संवैधानिक निकाय है, जो राजधानी दिल्ली के भीतर सड़कों, पार्कों, कॉलोनियों और अन्य संस्थाओं के नामकरण या नाम परिवर्तन से जुड़े मामलों का निर्णय करता है। हालांकि, इसके अधिकार क्षेत्र में दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के अधीन आने वाले क्षेत्र शामिल नहीं होते। इस प्राधिकरण में मुख्यमंत्री अध्यक्ष, मुख्य सचिव सदस्य होते हैं, जबकि अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव (शहरी विकास) सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करते हैं।

