पटना के बाढ़-फतुहा में 10 करोड़ की जल परियोजना, दो चेकडैम से किसानों को राहत

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पटना के बाढ़-फतुहा में 10 करोड़ की जल परियोजना, दो चेकडैम से किसानों को राहत
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बाढ़ (पटना)
 बाढ़ और फतुहा के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। क्षेत्र में जल संचयन और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा दो बड़े चेकडैम का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।

इस पूरी महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 10 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है, जिसका आवंटन ग्लोबल टेंडर के माध्यम से किया गया है। आगामी मानसून और वर्षा के मौसम को देखते हुए निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य की रफ्तार काफी तेज कर दी गई है।

जनवरी 2027 तक अंदौली चेकडैम पूरा करने का लक्ष्य, 10 गांवों को मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत पहला चेकडैम फतुहा प्रखंड के जैतीया पंचायत में धारदा नदी पर और दूसरा बाढ़ अनुमंडल के महाने नदी पर अंदौली चेकडैम के नाम से बनाया जा रहा है।

बाढ़ के अंदौली में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से जयप्रकाश कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा तैयार किए जा रहे इस चेकडैम का निर्माण कार्य जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस परियोजना से नदी में करीब डेढ़ मीटर तक पानी को रोका जा सकेगा। कनीय अभियंता चंद्रशेखर वर्मा ने बताया कि इस चेकडैम से पानी को डाइवर्ट कर सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे विशेषकर गेहूं की फसल के पटवन में किसानों को व्यापक फायदा मिलेगा।

इन दोनों परियोजनाओं से दोनों अनुमंडलों के लगभग 10-10 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और करीब 1500-1500 एकड़ (कुल 3000 एकड़) कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी। इसके साथ ही आसपास के इलाकों का वाटर लेवल (भूजल स्तर) भी काफी सुधरेगा।

काम बंद होने की अफवाह निराधार: जेपीसी
हाल ही में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों के विरोध के कारण निर्माण कार्य बंद होने की उड़ी अफवाहों को कंपनी प्रबंधन ने पूरी तरह खारिज कर दिया है

जयप्रकाश कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारी सूरज साह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि काम रुकने की बात पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार है। यह केवल कंपनी पर अनावश्यक दबाव बनाने की कुछ तत्वों की साजिश थी, जबकि हकीकत यह है कि निर्माण कार्य एक मिनट के लिए भी प्रभावित नहीं हुआ है और लगातार जारी है।
घटिया ईंट की शिकायत पर तुरंत एक्शन, ग्रामीणों की निगरानी में हो रहा काम

परियोजना की गुणवत्ता के सवाल पर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने निर्माण में उपयोग की जा रही ईंटों के स्तर को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर प्रबंधन ने त्वरित संज्ञान लिया।

अधिकारियों के अनुसार, इस बड़े प्रोजेक्ट में सैकड़ों डाला ट्रैक्टर ईंटों की खपत होनी है, जिसमें से संबंधित ईंट भट्ठा मालिक द्वारा भेजे गए महज एक-दो डाला ईंटों में थोड़ी कमी पाई गई थी। शिकायत मिलते ही उस भट्ठे से तत्काल सप्लाई रोक दी गई और कमियों को दुरुस्त कर लिया गया।

ईंट की शिकायत करने वाले स्थानीय ग्रामीण सुजीत कुमार ने बताया कि शुरुआत में दो डाला ईंट दो-तीन नंबर (घटिया स्तर) की आ गई थी, जिसकी उन्होंने आपत्ति की थी। शिकायत के बाद कंपनी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उन ईंटों को बदलवा दिया गया और अब पूरी तरह से नंबर वन (उत्कृष्ट) ईंटें लगाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण खुद लगातार इस पूरी परियोजना की निगरानी कर रहे हैं और अब बेहद पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण काम हो रहा है।

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