लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से शनिवार को यूनिवर्सिटी ऑफ लखनऊ के मालवीय सभागार में विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस रोजगार मेले के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
35 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। रोजगार मेले में 35 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी, जो विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं का चयन करेंगी। मेले के माध्यम से 2500 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां करेंगी भर्ती
रोजगार मेले में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी, मैन्युफैक्चरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आईटीईएस, बैंकिंग-फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस तथा परिधान उद्योग सहित कई क्षेत्रों की कंपनियां भाग लेंगी।
भाग लेने वाली प्रमुख कंपनियों में बारबेक्यू नेशन,पेटीएम हिटैची, शाही इंडस्ट्रीज, स्विफ्ट ट्रक, जीएम मॉडयूलर्स सहित कई बड़ी कंपनियां शामिल होंगी।
हर वर्ग के युवाओं को मिलेगा अवसर
इस रोजगार मेले की खास बात यह है कि इसमें 8वीं पास से लेकर आईटीआई, पॉलिटेक्निक, स्नातक, बीटेक और एमबीए तक की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। सामान्यतः अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अधिकारियों के अनुसार यह रोजगार मेला “समावेशी रोजगार” की अवधारणा पर आधारित है, ताकि विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
कौशल और रोजगार पर योगी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। यही कारण है कि प्रदेशभर में लगातार रोजगार मेले, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम और निजी कंपनियों के साथ साझेदारी के जरिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
