झारखंड में क्लाइमेट चेंज का असर, मई में भी 19 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज

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झारखंड में क्लाइमेट चेंज का असर, मई में भी 19 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज
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रांची

झारखंड में भी क्लाइमेट चेंज का प्रभाव साफ दिख रहा है. 1 मार्च से अब तक मौसम का असामान्य पैटर्न देखने को मिल रहा है. जिस मई महीने में तेज गर्मी पड़नी चाहिए थी, उस समय पांच जिलों को छोड़कर 19 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इससे तापमान सामान्य से कम बना हुआ है और लोगों को गर्मी का एहसास नहीं हो रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के शुरुआती दिनों में जबरदस्त गर्मी पड़ी थी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था, लेकिन इसके बाद मौसम में बदलाव आ गया है. मई के महीने में दो-तीन जिलों को छोड़कर किसी भी जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं रहा. राज्य में औसत तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है.

जिलों में बारिश का हाल
6 जिलों बोकारो, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, रांची और सिमडेगा जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं चतरा, गढ़वा, लोहरदगा और साहिबगंज में सामान्य से कम बारिश हुई है.

मई के अंतिम सप्ताह तक बदला रहेगा मौसम
मौसम केंद्र ने पूर्वानुमान जारी किया है कि मई महीने के अंतिम सप्ताह तक मौसम बदला रहेगा. 23 मई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवा, बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. 19 और 20 मई को संताल परगना वाले इलाके के साथ-साथ मध्य झारखंड सहित राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है.

मौसम विशेषज्ञ के अनुसार
वरीय मौसम वैज्ञानिक (रांची केंद्र) अभिषेक आनंद के अनुसार, झारखंड में बदलता मौसम क्लाइमेट चेंज का असर है, हालांकि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हैं. इसी वजह से पूरे राज्य में एक जैसा मौसम नहीं दिख रहा है. पहले बारिश सामान्य होती थी और उसमें खतरा कम रहता था, लेकिन अब तेज हवा, भारी बारिश और वज्रपात जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं. सुबह में तेज धूप और गर्मी रह रही है. अभिषेक आनंद ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होते ही सतर्क रहें, सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और वज्रपात के दौरान मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने तथा सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचें.

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