राजस्थान में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, बीजेपी की रणनीति पर नजरें

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राजस्थान में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, बीजेपी की रणनीति पर नजरें
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जयपुर

राजस्थान की सियासत में एक बार फिर बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिल सकता है। आगामी जून महीने में होने वाले राज्यसभा की तीन सीटों के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने ऐसी बिसात बिछाई है, जिसने कांग्रेस खेमे में हलचल तेज कर दी है। शनिवार देर रात तक चली बीजेपी कोर कमेटी की मैराथन बैठक से छनकर जो खबर आ रही है, उसके मुताबिक बीजेपी विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल न होने के बावजूद तीनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है।

राज्यसभा में खाली हो रही इन नेताओं की सीटें
गणित के हिसाब से बीजेपी केवल दो सीटें आसानी से जीत सकती है, लेकिन तीसरी सीट पर दांव खेलकर वह विपक्ष की घेराबंदी करने के मूड में है। हालांकि, आखिरी फैसला दिल्ली में बैठा आलाकमान ही करेगा। बता दें कि भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस सांसद नीरज डांगी की सीट पर भी चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

'नारी शक्ति' को आगे कर मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी
बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर लंबी माथापच्ची हुई। अंदरखाने से खबर है कि पार्टी इस बार 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का बड़ा संदेश देने के लिए किसी महिला चेहरे को राज्यसभा भेज सकती है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिया कि राजस्थान से अब तक केवल नजमा हेप्तुल्ला ही बीजेपी की तरफ से राज्यसभा पहुंची हैं, ऐसे में इस बार किसी महिला को मौका मिलने की उम्मीद बेहद ज्यादा है।

'वन स्टेट, वन इलेक्शन' पर भी मंथन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों को आने वाले दिनों में जिला स्तर पर 'प्रवास' करने और संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बीजेपी 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' के ढांचे के तहत आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को कराने की रणनीति पर भी विचार कर रही है। चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन नवीन का भी जल्द ही राजस्थान का अचानक दौरा हो सकता है। साफ है कि बीजेपी इस बार राज्यसभा चुनाव को केवल औपचारिकता न मानकर, इसे एक बड़े सियासी रण की तरह लड़ रही है।

NEET पेपर लीक और अपराध के आंकड़ों पर भी बनी रणनीति
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में सिर्फ चुनाव ही नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और हालिया विवादों पर भी गंभीर चर्चा हुई। बैठक में हाल ही की NCRB रिपोर्ट को लेकर चिंता जताई गई, जिसमें कथित तौर पर जयपुर को रेप केसों में शीर्ष पर बताया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे इस मुद्दे पर आक्रामक रहें और जनता के बीच जाकर कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा दें।

कांग्रेस को घेरने का प्लान
देश भर में गरमाए NEET पेपर लीक मामले के राजनीतिक नफा-नुकसान पर भी मंथन हुआ। बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया विंग और नेताओं को साफ निर्देश दिए हैं कि वे विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुए पेपर लीक के मामलों को आक्रामक तरीके से उठाएं।

 

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