मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों चेक पाकर भावुक हुए अनुदेशक, कहा- सरकार ने दिया सम्मान

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों चेक पाकर भावुक हुए अनुदेशक, कहा- सरकार ने दिया सम्मान

लोकभवन में आयोजित समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 14 अनुदेशकों को दिया गया बढ़े हुए मानदेय का चेक

अब मानदेय 17 हजार रुपये प्रतिमाह और कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से अनुदेशकों में खुशी की लहर 

लखनऊ 
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत हजारों अंशकालिक अनुदेशकों को बड़ी सौगात देते हुए उनके मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। इसके बाद प्रदेशभर के अनुदेशकों में खुशी की लहर है। रविवार को लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों चेक पाकर अनुदेशकों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। सभी अनुदेशकों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी कर उन्हें सम्मान देने का काम किया है।

अनुदेशकों का 9 हजार से बढ़कर 17,000 रुपये हुआ मानदेय

दरअसल 24717 अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से 9 हजार रुपये बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इस उपलक्ष्य में लोकभवन में अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 
आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित 14 अनुदेशकों को चेक वितरित कर उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के हाथों चेक पाकर अनुदेशकों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने इसे योगी सरकार की संवेदनशीलता और शिक्षा कर्मियों के प्रति सम्मान की भावना बताया। रायबरेली की अनुदेशक शिखा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों चेक पाकर उन्हें बेहद खुशी हुई है। 

मानदेय 17 हजार रुपये होने से बड़ी राहत मिलेगी- अनुदेशक

शिखा सिंह ने बताया कि पहले 9 हजार रुपये में परिवार चलाना मुश्किल होता था, लेकिन अब सीधे 17 हजार रुपये मानदेय मिलने से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने अनुदेशकों की समस्याओं को गंभीरता से समझा है। ऐसे ही लखनऊ के कौशलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने न केवल मानदेय बढ़ाया है बल्कि अनुदेशकों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी लागू किया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार पहले भी अनुदेशकों का मानदेय बढ़ा चुकी है और इस बार एक साथ 8 हजार रुपये की वृद्धि कर सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री का यह निर्णय अनुदेशकों के आत्मसम्मान और आर्थिक मजबूती दोनों को बढ़ाएगा।

पहली बार हमारे लिए इतना भव्य सम्मान समारोह- अनुदेशक

अयोध्या के उपेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि सेवा में आने के बाद पहली बार अनुदेशकों के लिए इतना भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कम मानदेय में कार्य करने के बावजूद अनुदेशक पूरी निष्ठा से बच्चों को शिक्षित कर रहे थे, लेकिन अब सरकार ने उनकी मेहनत को सम्मान दिया है। वहीं गोरखपुर के देवेंद्र लाल ने कहा कि पहले 7 हजार रुपये में जीवन यापन बेहद कठिन था, लेकिन योगी सरकार ने पहले इसे 9 हजार और अब 17 हजार रुपये तक पहुंचाकर बड़ी राहत दी है। 

मुख्यमंत्री ने होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड का किया विमोचन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। उन्होंने 'होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड’ का विमोचन किया। जिसे बाल वाटिका से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट कार्ड में केवल शैक्षणिक प्रदर्शन ही नहीं बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक, संज्ञानात्मक और व्यक्तित्व विकास का भी समग्र मूल्यांकन किया जाएगा। इसे नई शिक्षा नीति के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इन 14 अनुदेशकों को सौंपे चेक

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अनुदेशकों को चेक सौंपे। इनमें गोरखपुर के देवेंद्र लाल, वाराणसी के सुभाष सिंह, अयोध्या के उपेंद्र कुमार शुक्ला, लखीमपुर खीरी के प्रवीण राणा, रायबरेली की शिखा सिंह, बाराबंकी की हिना खातून और दीप्ति वर्मा, सीतापुर की प्राची मिश्रा, हमीरपुर के कामता प्रसाद राजपूत, लखनऊ के कौशलेन्द्र सिंह और सुमित पाल, अलीगढ़ की सलोनी कसेरे, उन्नाव की रश्मि यादव तथा हरदोई की रश्मि सिंह शामिल रहे।

योगी सरकार ने 2022 में भी 2 हजार रुपये बढ़ाया था मानदेयः संदीप सिंह

इस अवसर पर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हुए व्यापक सुधारों को लेकर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा के लिए 9,645 तथा कार्यानुभव शिक्षा के लिए 6,192 अनुदेशक कार्यरत हैं, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2022 में सरकार ने अनुदेशकों का मानदेय 7 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया था और अब इसे बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसे शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के हित में सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।

मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। वर्तमान में 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी संचालित हैं, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं और शेष सभी ब्लॉकों में भी बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने की कार्ययोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1,64,882 बच्चों को निःशुल्क सहायक उपकरण भी वितरित किए गए हैं।

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