इंस्पेक्टर अविनाश सीजन 2 रिव्य,क्राइम और एक्शन का धमाका

Editor
5 Min Read
इंस्पेक्टर अविनाश सीजन 2 रिव्य,क्राइम और एक्शन का धमाका
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

उत्तर प्रदेश के बैकग्राउंड पर बनी वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' अपने दूसरे सीजन के साथ एक बार फिर कॉप-थ्रिलर की दुनिया में लौट आई है. नीरज पाठक के डायरेक्शन में बनी यह सीरीज अपराध, राजनीति और पर्सनल संघर्षों का एक ऐसा मेल है, जो दर्शकों को कुर्सी से बांधे रखने की कोशिश करती है. 10 एपिसोड की इस सीरीज में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अविनाश मिश्रा के उसी बेखौफ अंदाज को आगे बढ़ाया गया है, जिसे रणदीप हुड्डा ने अपनी दमदार अदाकारी से फिर जान फूंक दी है.

हालांकि, कॉप ड्रामा में अक्सर देखी जाने वाली कुछ घिसी-पिटी बातें यहां भी मौजूद हैं, लेकिन कलाकारों की परफॉर्मेंस और कहानी में आने वाले जज्बाती मोड़ इसे एक बार देखने लायक जरूर बनाते हैं. सस्पेंस और एक्शन के शौकीनों के लिए यह सीजन काफी मसालेदार साबित होने वाला है.

अपराध और परिवार के बीच फंसा 'अविनाश'
सीरीज की कहानी इस बार सिर्फ अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंस्पेक्टर अविनाश के पर्सनल लाइफ में आए तूफान को भी दिखाती है. इस सीजन में अविनाश का मुकाबला 'शेख' (अमित सियाल) और 'देवी' (अभिमन्यु सिंह) के खतरनाक हथियारों के गिरोह से है. लेकिन कहानी तब गंभीर मोड़ लेती है जब अविनाश के खुद के बेटे पर हत्या का गलत आरोप लग जाता है. घर में पत्नी की नाराजगी और बाहर दुश्मनों की साजिशों के बीच अविनाश किस तरह कानून और अपने परिवार की गरिमा को बचाता है, यही इस सीजन का मेन अट्रैक्शन है.

रणदीप हुड्डा का एक बार फिर चला जादू
इस पूरी सीरीज की सबसे मजबूत कड़ी रणदीप हुड्डा हैं. उन्होंने अविनाश मिश्रा के किरदार में जान फूंक दी है. चाहे वह अपराधियों से टकराने वाला गुस्सा हो या अपने परिवार के लिए उनकी आंखों में दिखने वाला दर्द, रणदीप ने हर इमोशन को बखूबी जिया है. उनके वन-लाइनर्स और एक्शन करने का अंदाज इतना सहज है कि वह स्क्रीन पर पूरी तरह छा जाते हैं. रणदीप की यह खासियत है कि वह गंभीर दृश्यों के बीच में भी हल्के-फुल्के हास्य और रोमांस का तड़का लगाना जानते हैं, जो दर्शकों को बोरियत महसूस नहीं होने देता. इसके साथ ही अविनाश का कभी-कभी सीधे दर्शकों से बात करना, बहुत अच्छा असर डालता है.

वहीं सीरीज में रणदीप के अलावा बाकी कलाकारों ने भी बेहतरीन काम किया है. उर्वशी रौतेला ने अविनाश की पत्नी पूनम के रूप में एक सेंसटिव परफॉर्मेंस दी है, जो अपने पति के खतरनाक पेशे और परिवार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं. उर्वशी रौतेला की एक्टिंग के लिए तो आपको ये सीरीज देखना ही चाहिए. विलेन के रूप में अभिमन्यु सिंह काफी खौफनाक नजर आते हैं, वहीं अमित सियाल ने 'शेख' के किरदार को अपनी चिर-परिचित खामोशी और क्रूरता के साथ निभाया है. शालिन भनोट दोस्ती और वफादारी के सीन में जंचते हैं, जबकि फ्रेडी दारूवाला और रजनीश दुग्गल जैसे कलाकारों ने भी कहानी के माहौल को और गंभीर बनाने में मदद की है.

कहानी की कुछ कमजोर कड़ियां
एक्टिंग के मामले में सीरीज जितनी मजबूत है, राइटिंग के मामले में कई मौकों पर उतनी ही कमजोर पड़ जाती है. कहानी के कुछ सब-प्लॉट्स, जैसे डॉ. सुमन का ट्रैक, थोड़े खींचे हुए और बनावटी लगते हैं. कुछ किरदारों के फैसले रियलिटी से परे नजर आते हैं, जो आपको थोड़ा खटक सकते हैं. साथ ही, बीच के एपिसोड में कहानी थोड़ी धीमी हो जाती है और कॉप-थ्रिलर की वही पुरानी घिसी-पिटी बातों का सहारा लेती है, जिससे सस्पेंस का ग्राफ थोड़ा नीचे गिर जाता है.

डायलॉग भी कुछ खास असर नहीं छोड़ते, जिससे कई बार जरूरत से ज्यादा ये फिल्मी लगने लगती है. वहीं अविनाश के पंडित जी की कहानी को इस सीजन में भी नहीं बताया गया है यानी उस किरदार को जानने के लिए अगले सीजन का इंतजार करना पड़ सकता है.

अब अगर आप रणदीप हुड्डा के फैन हैं और आपको कॉप-थ्रिलर फिल्में या सीरीज पसंद हैं, तो 'इंस्पेक्टर अविनाश सीजन 2' आपको निराश नहीं करेगी. हालांकि इसमें कुछ नयापन कम है, लेकिन दमदार एक्टिंग, यूपी का स्वैग और ढेर सारा ड्रामा इसे एक एंटरटेन बनाता है. आप इसे देखना शुरू करेंगे तो अंत तक इसके साथ जुड़ जाएंगे.

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *