सूर्य गोचर का बड़ा असर: वृषभ संक्रांति से 3 राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय

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 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का गोचर (राशि परिवर्तन) एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है.  सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे संक्रांति कहा जाता है.  इस बार सूर्य देव मेष राशि की अपनी यात्रा पूरी कर शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश कर चुके हैं, जिसे वृषभ संक्रांति कहा जा रहा है. सूर्य को आत्मा, मान-सम्मान, सरकारी नौकरी, पिता और आरोग्य का कारक माना जाता है.

सिर्फ राशि ही नहीं, इस गोचर के दौरान सूर्य देव चंद्रमा के स्वामित्व वाले रोहिणी नक्षत्र में भी आज प्रवेश कर चुके हैं.चंद्रमा के नक्षत्र में सूर्य के आने से लोगों के मन और मस्तिष्क पर इसका सीधा असर पड़ता है. सूर्य का यह दोहरा बदलाव सभी 12 राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचाने वाला है. जहां कुछ राशियों के लिए यह समय वरदान साबित होगा, वहीं 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हें अगले एक महीने तक फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा.

तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर कुंडली के आठवें (अष्टम) भाव में होने जा रहा है. ज्योतिष में आठवां घर अचानक आने वाली बाधाओं और गुप्त समस्याओं का माना जाता है.  रोहिणी नक्षत्र के प्रभाव से आपके छिपे हुए शत्रु या पुराने विवाद दोबारा उभर सकते हैं.

आर्थिक स्थिति: इस दौरान पैसों के लेन-देन में भारी नुकसान के योग बन रहे हैं.  किसी को भी बड़ा कर्ज देने से बचें. शेयर मार्केट या किसी नए बिजनेस में बड़ा निवेश इस महीने टाल देना ही समझदारी होगी.
उपाय: रोजाना तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें.

कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर चौथे (चतुर्थ) भाव में हो रहा है, जिसे सुख, माता और वाहन का घर कहा जाता है. सूर्य एक उग्र ग्रह हैं, इसलिए चौथे घर में आते ही यह पारिवारिक सुख-शांति को प्रभावित करेंगे. चंद्रमा के नक्षत्र (रोहिणी) के कारण आपके स्वभाव में अत्यधिक भावुकता और गुस्सा एक साथ देखने को मिल सकता है.
उपाय: रविवार के दिन गाय को गेहूं और गुड़ खिलाएं.

मीन राशि:
मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर तीसरे (तृतीय) भाव में हो रहा है. अमूमन तीसरे घर में सूर्य को अच्छा माना जाता है, लेकिन रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि के अधिपति शुक्र के साथ सूर्य की शत्रुता के कारण यह गोचर मिले-जुले और कुछ मामलों में बेहद नकारात्मक परिणाम देगा.कार्यक्षेत्र या व्यापार में आपके साहस और पराक्रम में कमी महसूस होगी. सहकर्मियों के साथ तालमेल बिगड़ने से ऑफिस में आपकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है. किसी भी नए एग्रीमेंट पर जल्दबाजी में दस्तखत न करें.
उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें.

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