चंडीगढ़
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए गए आह्वान का हरियाणा सरकार पर व्यापक असर दिखा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा खुद के काफिले में वाहनों की संख्या आधी करने के बाद अन्य मंत्री भी सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग की दिशा में बढ़े हैं। इसी कड़ी में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने काफिले में वाहन घटाने और बिना पायलट गाड़ी के चलने का निर्णय लिया है।
मंत्री ने शनिवार को दोनों विभागों में उपयोग किए जा रहे सरकारी वाहनों की समीक्षा की। इस दौरान मंत्री कार्यालय की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचई) में नौ तथा लोक निर्माण विभाग में कुल आठ वाहनों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने के आदेश दिए गए। यह गाड़ियां विभाग के मुख्यालय तथा संबंधित विभाग में इस्तेमाल की जा रहीं थी।
उन्होंने कहा कि सरकारी वाहनों का उपयोग केवल आवश्यक सरकारी कार्यों और जनहित से जुड़े कार्यों तक ही सीमित रहना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां संभव हो, वहां वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा दिया जाए।
गैर-जरूरी यात्राओं से बचा जाए तथा वाहन साझा उपयोग को अपनाकर ईंधन की बचत सुनिश्चित की जाए। विभागीय अधिकारियों को वाहन लागबुक और ईंधन खर्च की नियमित निगरानी करने के लिए कहा गया है।
