बिहार फिल्म नीति का असर,52 फिल्मों को मिली अनुमति, 48 की शूटिंग पूरी

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बिहार फिल्म नीति का असर,52 फिल्मों को मिली अनुमति, 48 की शूटिंग पूरी
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पटना

 प्रदेश केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और लोक कलाओं के लिए नहीं बल्कि फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उभर रहा है। सरकार ने फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने, युवाओं को फिल्म एवं मीडिया की पढ़ाई के अवसर उपलब्ध कराने तथा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

फिल्म शूटिंग को लेकर राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थल और ग्रामीण परिवेश अब फिल्मकारों को आकर्षित कर रहे हैं। कैमूर, जहानबाद, बोधगया, राजगीर, नालंदा, राजधानी पटना, वाल्मीकि नगर और मिथिला क्षेत्र जैसे स्थान फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए पसंदीदा स्थल बनते जा रहा है।

बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम लि. के अनुसार अब तक 52 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति मिली है। इसमें 48 फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है। इसमें चार नई फिल्म गिल्टी माइंड, हथुआ राज, बिहारी फेमस 22 फूड और गुरुद्वारा शामिल है।

गिल्टी माइंड फीचर फिल्म है। जो विकास प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही है। जबकि, शेष तीन वृत्तचित्र है। फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग की अनुमति को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। आरंभ के दिनों में फिल्म शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों में आवेदन करने की जरूरत पड़ती थी।

सिंगल विंडो सिस्टम के तहत कोई भी कलाकार या वेंडर बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की वेबसाइट https://film.bihar.gov.in/ पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। वहीं, कला संस्कृति विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की ओर से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दे रही है।

योजना के तहत अब तक 30 विद्यार्थियों को लगभग 19 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। फिल्म वित्त निगम लि. के परामर्शी अरविंद रंजन दास ने बताया कि फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत प्रदेश में स्वस्थ सिनेमा संस्कृति का विकास हो रहा है।

फिल्म निर्माता सागर श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार में फिल्म शूटिंग के लिए कई रमणीय स्थल है जो निर्माताओं को पसंद आ रही है। फिल्म निर्माण को लेकर राज्य में बेहतर माहौल बना है। इससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

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