ISIS के टॉप कमांडर अबू बिलान मिनूकी का खात्मा, Donald Trump बोले- उसे मारना आसान नहीं था

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वाशिंगटन

ईरान और अमेरिका के तनाव के बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक स्टेट के एक टॉप कमांडर को मार गिराया गया है। इस समय वह आतंकी संगठन में नंबर दो पर कार्य कर रहा था। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और नाइजीरियन सेना के संयुक्तअभियान में अबू-बिलाल अल मिनूकी मारा गया है। ट्रंप ने कहा कि यह बहुत ही जटिल अभियान था।

डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े उत्साह के साथ इस अभियान का जिक्र किया और कहा कि आईएसआईएस अब बुरी तरह से कमजोर हो चुका है। उन्होंने कहा, मेरे ही निर्देश पर बहादुर अमेरिकी फौज और नाइजीरिया के सैनिकों ने मिलकर इस कठिन अभियान को अपने लक्ष्य तक पहुंचाया है।

कौन था अबू बिलाल अल मिनूकी
अबू बिलाल का नाम अबू बकर मुह्म्मद अल मिनूकी था। वह अफ्राका के साहेल इलाके का रहने वाला था। वह आईएसआईएस में बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहा था। वह वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस में आईएस के सीनियर कमांडर के तौर पर काम कर रहा था। अमेरिाक ने उसे वैश्विक आतंकी जून 2023 में ही घोषित कर दिया था। तब से ही अमेरिकी फौज उसे मार गिरना की फिराक में थी।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप पहले भी नाइजीरिया में कई इस तरह के हमले करवा चुके हैं जिसमें आतंकियों की मौत हुई है। बीते दिनों आईएसआईएस के पनाहगाह होने के नाते ही नाइजीरिया पर डोनाल्ड ट्ंरप खूब बरसे थे। उन्होंने यहां तक कहा था कि नाइजीरिया की सरकार ईसाई विरोधी है। उन्होंने दावा किया था कि नाइजीरिया में इसाइयों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया जा रहा है। हालांकि नाइजीरिया की सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया था।

बताया जाता है कि मिनूकी अफ्रीक के बड़े हिस्से में सक्रिय था। जिस क्षेत्र में वह ऐक्टव था उसका विस्तार करीब 5900 किलोमीटर का है। इसमें मॉरिटानिया, माली, सेनेगल, बुर्कनी फासो, नाइजारिया, नाइजर, चाड और सुडान जैसे देश शामिल हैं। इसके अलावा गांबिया, गिनी, इरिट्रिया और कैमरून तक इसाक प्रभाव था। वह चाड डिवीजन में आईएसआईएस के खतरनाक अभियानों को अंजाम देता था। इसके अलावा वह आतंकी संगठनों की फंडिंग करवाने का भी काम करता था। डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन के लिए अपने सैनिकों की जमकर तारीफ की है।

भारत में भी एआईए की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'इस्लामिक स्टेट' (आईएसआईएस) के सदस्य मोहम्मद शारिक को आतंकी विचारधारा फैलाने और संगठन के लिए धन जुटाने के मामले में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एनआईए ने सोमवार को एक बयान जारी कर बताया कि बेंगलुरु स्थित एक विशेष अदालत ने शारिक पर 92,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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