कोंडागांव : बस्तर मुन्ने कार्यक्रम से हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ

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कोंडागांव : बस्तर मुन्ने कार्यक्रम से हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ
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कोंडागांव : बस्तर मुन्ने कार्यक्रम से हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ

जनपद पंचायत बड़ेराजपुर में हुई समीक्षा बैठक

कोंडागांव

प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य एनसीएईआर सर्वेक्षण में “नियद नेल्लानार” के तहत चिन्हित 31 जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ प्रदान करना है। इसी क्रम में जनपद पंचायत बड़ेराजपुर में नोडल अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम के प्रभावी संचालन एवं व्यक्तिमूलक योजनाओं के शत-प्रतिशत सेच्यूरेशन पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत, क्लस्टर एवं विकासखण्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वेक्षण कार्य जारी है। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के संभावित लाभार्थियों का चिन्हांकन कर उन्हें त्वरित लाभ प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में ग्राम पंचायतों को योजनावार लक्ष्य, प्रचार-प्रसार सामग्री, पात्रता मापदंड एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मैदानी अमले को हितग्राहियों की सूची प्रदान की गई है। द्वितीय चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर सर्वेक्षण के आधार पर पात्रता परीक्षण एवं योजनाओं का लाभ वितरण किया जाएगा। सर्वेक्षण से छूटे परिवारों का भी पंजीयन कर नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाएगा। पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल) से एक सप्ताह तक ग्राम सभाओं का आयोजन कर तीन प्रमुख सामुदायिक कार्यों का चयन किया जाएगा। अनुमोदित प्रस्तावों के आधार पर आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शासन को प्रेषित किया जाएगा।

तृतीय चरण में ग्राम पंचायत स्तर के लंबित प्रकरणों का क्लस्टर स्तर पर शिविर आयोजित कर निराकरण किया जाएगा। चतुर्थ चरण में क्लस्टर स्तर के लंबित मामलों का विकासखण्ड स्तर पर जिला अधिकारियों की उपस्थिति में समाधान किया जाएगा तथा शिविरों के प्रभाव का मूल्यांकन भी किया जाएगा। पांचवें एवं अंतिम चरण में सभी शिविरों की समीक्षा, प्रभाव का आंकलन एवं थर्ड पार्टी फीडबैक लिया जाएगा, जिससे कार्यक्रम की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

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