पंजाब-चंडीगढ़ में शुरू होगा SIR अभियान, घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करेंगे BLO

Editor
4 Min Read
पंजाब-चंडीगढ़ में शुरू होगा SIR अभियान, घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करेंगे BLO
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

चंडीगढ़ 

पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने का ऐलान किया है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं।

SIR के तीसरी चरण के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि गलत, फर्जी या दोहराए गए नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे।

इस मुद्दे पर नेता विपक्ष और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह ने कहा कि SIR के दौरान लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा- गांव उसी का बचता है, जिसका चौकीदार जागता है। ऐसा न हो कि बाद में पछताना पड़े।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आखिरी दम तक अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी और SIR प्रक्रिया पर पूरी नजर रखेगी। पार्टी अपने वोटरों का ध्यान रखेगी और जिन लोगों की नई वोट बननी है, उनकी वोट भी बनवाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हर बूथ पर अपने बीएलए तैनात कर रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और किसी की वोट गलत तरीके से न काटी जा सके।

SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें

1. SIR क्या है?

यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है।

2. पहले किस राज्य में हुआ?

पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई।

3. कौन करता है?

ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं।

4. SIR में वोटर को क्या करना होगा?

SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे।

5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य?

    पेंशनर पहचान पत्र
    किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र
    जन्म प्रमाणपत्र
    पासपोर्ट
    10वीं की मार्कशीट
    स्थायी निवास प्रमाणपत्र
    वन अधिकार प्रमाणपत्र
    जाति प्रमाणपत्र
    राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम
    परिवार रजिस्टर में नाम
    जमीन या मकान आवंटन पत्र
    आधार कार्ड

6. SIR का मकसद क्या है?

1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना।

डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *