बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना को मिला बड़ा बूस्ट: 3606 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए 6500 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होगी

Editor
3 Min Read
बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना को मिला बड़ा बूस्ट: 3606 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए 6500 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होगी
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

 अरवल
वर्ष 2001 में जहानाबाद से अलग होकर जिला बने अरवल को आज भी अपने रेलवे स्टेशन का इंतजार है।

जिला गठन के करीब 25 वर्ष बाद भी अरवल रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ सका है। हालांकि अब बहुप्रतीक्षित बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन परियोजना के जरिए जिले को रेल मानचित्र पर लाने की कवायद तेज होती दिख रही है।

लालू प्रसाद ने क‍िया था श‍िलान्‍यास 
बिहटा से अरवल होते हुए औरंगाबाद तक प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था।

इसके बाद वर्षों तक परियोजना ठंडे बस्ते में पड़ी रही। रेल आंदोलन के संयोजक मनोज सिंह यादव के नेतृत्व में लगातार आंदोलन और जनदबाव के बाद अब योजना को गति मिलने की उम्मीद जगी है।

रेलवे के जीएम हाजीपुर द्वारा 30 सितंबर 2025 को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि 3606.42 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना को पूर्ण स्वीकृति मिल चुकी है।

आंदोलनकारी मनोज सिंह यादव ने बताया कि परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा।

117.6 किमी होगी रेल लाइन की लंबाई
पहले चरण में अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन से औरंगाबाद तक 13 किलोमीटर रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है।

वहीं दूसरे चरण में बिहटा से औरंगाबाद तक 117.6 किलोमीटर लंबी रेल लाइन निर्माण के लिए रेलवे ने बिहार सरकार को जमीन अधिग्रहण संबंधी पत्र भेजा है।

उन्होंने बताया कि अरवल की तत्कालीन डीएम अभिलाषा शर्मा ने 6 दिसंबर 2025 को भू-अर्जन पदाधिकारी को भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकार नियुक्त किया था।

रेलवे अधिकारियों ने जून माह से भूमि अधिग्रहण कार्य शुरू होने का आश्वासन भी दिया है। पटना, अरवल और औरंगाबाद जिले में मिलाकर करीब 6500 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है।

14 स्टेशन और कई हाल्ट होंगे विकसित
प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना में कुल 14 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें बिहटा, बिक्रम, दुल्हिन बाजार, पालीगंज, बारा, अरवल, खभैनी, मेहंदिया, कलेर, शमशेर नगर, दाउदनगर, ओबरा, भरथौली और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर हाल्ट निर्माण की भी योजना है।

चार लोकसभा क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
यह रेल परियोजना औरंगाबाद, काराकाट, जहानाबाद और पटना लोकसभा क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए विकास की नई संभावनाएं लेकर आएगी।

रेल लाइन बनने से पटना और औरंगाबाद के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। वर्तमान में सड़क मार्ग से यह सफर तय करने में चार से पांच घंटे लगते हैं, जबकि रेल परिचालन शुरू होने के बाद यह दूरी महज डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो सकेगी।

डीएम ने क्या कहा
हालांकि, अमृशा बैंस ने कहा कि फिलहाल रेलवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई तय होने के बाद ही प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

 

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *