राज्यमंत्री गौर ने निर्माण कार्यों में लापरवाही पर जताई नाराजगी

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भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्यों में हो रही लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में छात्रावासों में मेस संचालन और किचन निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि निर्माण एजेंसी, ठेकेदारों और विभाग के समन्वय की कमी के चलते योजनाओं में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 31 मई तक किचन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुए, तो संबंधित अधिकारियों पर सीधे तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

15 मई से शुरू होगी 'शौर्य संकल्प योजना'

राज्यमंत्री ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अहम योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' की शुरुआत 15 मई से की जाएगी। इसके तहत 4000 युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड एवं अन्य सैन्य बलों में भर्ती के लिए निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, 'सरदार पटेल कोचिंग अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' की टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए, जिससे जल्द से जल्द छात्र-छात्राओं को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा पाने का लाभ मिल सके। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि 31 चयनित कन्या छात्रावासों को 'आदर्श छात्रावास' बनाने से संबंधित सभी निर्माण कार्य 30 जून तक पूर्ण करने और रिक्त सीटों को जल्द भरने के निर्देश दिए।

विदेश अध्ययन के लिए सालभर कर सकेंगे आवेदन

राज्यमंत्री  गौर ने विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए 36 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। राज्यमंत्री  गौर ने चयनित छात्रों की राशि जल्द जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 जून तक पोर्टल में बदलाव कर ऐसा सिस्टम बनाएं जिससे विद्यार्थी सालभर (रोलिंग आधार पर) आवेदन कर सकें। उन्होंने 'दिल्ली छात्रगृह योजना' का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा, जिससे दिल्ली के संस्थानों में पढ़ रहे प्रदेश के अधिक से अधिक ओबीसी विद्यार्थी 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता का लाभ उठा सकें।

विमुक्त, घुमंतु, अर्द्धघुमंतू वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ रही सरकार

विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए  गौर ने कहा कि विभाग द्वारा कराया जा रहा सर्वे आने वाले वक्त में सुखद परिणाम देगा। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के लोगों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयासों को गति दें। उन्होंने विभागीय नवाचारों की भी तारीफ की। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के जरिए सरकार इन वंचित वर्गों को समाज की मुख्यधारा में ला रही है। बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार, आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन, संचालक (विमुक्त, घुमंतु, अर्द्धघुमंतू कल्याण)  बुद्धेश वैद्य उपस्थित रहे। 

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