प्रतीक यादव की मौत,पोस्टमार्टम में खुलासा , पल्मोनरी एम्बोलिज्म कारण

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प्रतीक यादव की मौत,पोस्टमार्टम में खुलासा , पल्मोनरी एम्बोलिज्म कारण
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लखनऊ

उत्तर प्रदेश के प्रभावी राजनीतिक परिवार मुलायम सिंह यादव फैमिली के छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत ने लोगों को दुखी कर दिया है। फिटनेस और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े प्रतीक यादव के निधन के बाद कई प्रकार के दावे किए जा रहे हैं। प्रतीक के दोस्तों का दावा है कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे। बॉडी नीली पड़ गई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कोई चोट के निशान न होने की बात कही गई है। डॉक्टरों की टीम के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव की शरीर पर किसी तरह का बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत की असली वजह अब भी साफ नहीं हो सकी है। इस कारण डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा है। उनके हार्ट को भी सुरक्षित रखा गया है। इसकी जरूरत पड़ने पर दोबारा जांच की जा सकेगी

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या?
केजीएमयू के तीन डॉक्टरों के पैनल ने प्रतीक यादव की बॉडी का पोस्टमार्टम किया। डॉ. मौसमी सिंह ने पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व किया। इसमें फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार रायपुरिया और डॉ. फातिमा हर्षा भी शामिल रहे। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है। बाहरी चोट को लेकर कई प्रकार की बातें पहले से हो रही थी।

सूत्रों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव के शरीर पर चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिलने की बात सामने आ रही हैं। उनकी छाती का भी एक्सरे कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद किसी साजिश जैसी बात पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है।

प्रतीक की मौत का कारण क्या?
प्रतीक यादव की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें प्रतीक यादव की मौत की असली वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) बताई गई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, पल्मोनरी एम्बोलिज्म ऐसी स्थिति है, जहां शरीर में खून का थक्का यानी ब्लड क्लॉट बन जाता है। अक्सर पैरों की नसों में इस प्रकार की समस्या आती है। यह थक्का नसों से बहकर सीधे फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस जाता है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि पल्मोनरी एम्बोलिज्म से फेफड़ों तक ऑक्सीजन और खून का पहुंचना अचानक रुक जाता है। प्रतीक यादव के मामले में क्लॉट इतना बड़ा था कि इसने अचानक सांसें रोक दीं। इसने दिल पर बहुत ज्यादा दबाव डाल दिया, जिससे महज कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई।

हार्ट रखा गया सुरक्षित
प्रतीक यादव का वेट काफी बढ़ गया था। इसको देखते हुए डॉक्टरों ने उनके हार्ट को सुरक्षित रख लिया है। प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक से मौत का मामला सामने आने के बाद इसकी आगे दोबारा जांच की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सुरक्षित रखे गए हार्ट से जांच कराई जाएगी। वहीं, बिसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे साफ होगा कि प्रतीक यादव के शरीर में किसी प्रकार के विषैले तत्व या अन्य कारण तो मौजूद नहीं थे।

सस्पेक्टेड पॉइजनिंग से इनकार
सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से सस्पेंक्टेड पॉइजिंग से इनकार किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि हमारी तरफ से इस प्रकार की बात कभी भी नहीं कही गई है। अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता ने कहा कि बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे प्रतीक यादव के ड्राइवर अस्पताल आए थे। यहां से डॉक्टर को तुरंत चलने को कहा गया। मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। उस समय प्रतीक यादव के शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं थी।

निदेशक का कहना है कि बाद में उन्हें अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि परिजन पहले प्रतीक यादव के शव को घर ले जाना चाहते थे। बाद में उन्होंने खुद शव के पोस्टमार्टम कराने की इच्छा जताई। पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पंचनामा कर शव को केजीएमयू भेजा गया।

 

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