गढ़वा में सियासी घमासान, मिथिलेश ठाकुर ने सत्येंद्र नाथ तिवारी पर दर्ज कराई FIR

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गढ़वा में सियासी घमासान, मिथिलेश ठाकुर ने सत्येंद्र नाथ तिवारी पर दर्ज कराई FIR
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 गढ़वा

झारखंड के गढ़वा जिले में राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है. सूबे के पूर्व मंत्री और झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश ठाकुर ने भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी एफआईआर दर्ज कराई है. इसके बाद जिले की राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.

विधायक पर गंभीर आरोप
पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने गढ़वा शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सार्वजनिक मंच से उनके खिलाफ अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणी की है. उनके अनुसार, विधायक ने उन्हें “डकैती करने वाला”, “जमीन लूटने वाला” और “कमीशन खाने वाला” जैसे शब्दों से संबोधित किया. साथ ही, उनके पैतृक गांव और पिता को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही गईं.

प्रेस वार्ता के दौरान दिया गया बयान
आवेदन में बताया गया है कि यह घटना 22 अप्रैल 2026 की है, जब विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी गढ़वा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. आरोप है कि इसी प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जानबूझकर पूर्व मंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से ऐसे बयान दिए. मिथिलेश ठाकुर का कहना है कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की साजिश है.

पुलिस को सौंपा गया वीडियो फुटेज
शिकायत के समर्थन में पूर्व मंत्री की ओर से पुलिस को वीडियो फुटेज भी सौंपा गया है. इस वीडियो में कथित तौर पर विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी विवादित बयान देते हुए नजर आ रहे हैं. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

अमर्यादित भाषा स्वीकार्य नहीं: मिथिलेश ठाकुर
मिथिलेश ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी नेता को इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिसे वह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के जरिए सच्चाई सामने लाने की बात कही.

बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
इस मामले के बाद गढ़वा की राजनीति में टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. झामुमो और भाजपा के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में बदलती दिख रही है. आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, जिससे स्थानीय राजनीति पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है.

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