हैदराबाद में दुर्गा विसर्जन जुलूस पर अंडा फेंकने से बवाल, विरोध-प्रदर्शन के बाद बढ़ा तनाव

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हैदराबाद
हैदराबाद में देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन जुलूस के पास अंडा फेंके जाने की घटना सामने आई है। रविवार तड़के हुई इस घटना के बाद जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है। आपको बता दें कि यह घटना मदान्नापेट पुलिस थाना क्षेत्र में रात करीब 2 बजे हुई। इसके बाद जुलूस में शामिल लोगों और कुछ स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंडा जुलूस के पास गिरा था।

उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के जानबूझकर किए गए दुर्भावनापूर्ण कार्यों से संबंधित है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमें सूचना मिली थी कि रात करीब 2 बजे जब दुर्गा माता की प्रतिमा का जुलूस एक गली से गुजर रहा था, तब एक अंडा फेंका गया।"

एक संदिग्ध हिरासत में
अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जुलूस के आयोजकों से बात की। एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि इलाके में स्थिति शांतिपूर्ण है और पुलिस ने लोगों से अफवाहें न फैलाने की अपील की है। मामले की आगे की जांच चल रही है।

भगवान राम की प्रतिमा हटाए जाने पर विवाद
एक अन्य मामले में हैदराबाद में शनिवार को एक मंदिर से भगवान राम की बड़ी प्रतिमा हटाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस कदम को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। यह प्रतिमा यहां दशहरा उत्सव के दौरान बशीरबाग स्थित देवी कनक दुर्गा मंदिर में स्थापित की गई थी।

विहिप के नेताओं ने उस समय घोषणा की थी कि इस इलाके को बशीरबाग के बजाय श्रीराम चौक के नाम से जाना जायेगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंदिर प्रबंधन समिति ने शनिवार को प्रतिमा हटा दी। सूत्रों ने कहा कि दशहरा उत्सव संपन्न होने के बाद प्रतिमा हटाना सामान्य प्रक्रिया है।

नेहरू ने भी डाला था दबाव: BJP अध्यक्ष
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा कि लोग प्रतिमा हटाने के लिए कांग्रेस सरकार को न तो भूलेंगे और न ही माफ करेंगे। उन्होंने कहा, '' यह पहली बार नहीं है जब किसी कांग्रेस सरकार ने भगवान श्रीराम की प्रतिमा हटाने की कोशिश की है। वर्ष 1949 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार पर अयोध्या में रामलला की प्रतिमा हटाने के लिए दबाव डाला था। आज उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का सफाया हो चुका है।'' उन्होंने कहा कि बशीरबाग में प्रतिमा हटाए जाने के बाद तेलंगाना में भी कांग्रेस का यही हश्र होगा।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविनुथला शशिधर ने कहा कि भविष्य में मंदिर में 108 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब हैदराबाद समेत राज्य के कई शहरों के पुराने नाम बहाल किए जाएंगे।

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