पंचकूला में नशीले कफ सिरप तस्करी का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार; मुख्य आरोपी की तलाश

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पंचकूला
कोडीन युक्त नशीले कफ सिरप की तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए क्राइम ब्रांच-3 ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित फर्जी लेबल और दूसरी कंपनी के नाम से तैयार बिल के सहारे सिरप की खेप कोलकाता भेज रहे थे।

गिरफ्तार आरोपितों में दो फार्मा फर्मों के लाइसेंस धारक भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, 100 किलो सिरप की बरामद खेप की कीमत करीब चार लाख रुपये है, जबकि कोलकाता पहुंचने पर इसकी कीमत दो से तीन गुना तक हो जाती थी। मामले में मुख्य आरोपित अंकुश वाजपेयी की तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित मदनपुर निवासी राकेश, दिल्ली निवासी आशीष सिंह और कानपुर निवासी गणेश सैनी के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच-3 प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में हुई जांच में सामने आया कि सिरप गुजरात से मंगवाकर ट्रांसपोर्ट के माध्यम से कोलकाता भेजा गया था। आरोपितों ने खेप पर फर्जी लेबल लगाए और दूसरी कंपनी के नाम से बिल तैयार किया। तीनों आरोपित 27 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर हैं।

कोलकाता में माल लेने से इनकार, बिल पर हुआ शक
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को ट्रांसपोर्ट कारोबारी से संपर्क कर कोलकाता में माल भेजने की बात कही गई थी। 25 सितंबर को एक एप के माध्यम से 10 गत्ते की पेटियां ट्रांसपोर्ट कार्यालय पहुंचीं। इनके साथ एक पेज का बिल भी था। खेप को कोलकाता भेजा गया, लेकिन वहां सामान लेने से इनकार कर दिया गया। बाद में पंचकूला की दूसरी फर्म से जुड़े व्यक्ति ने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी ने यह बिल जारी ही नहीं किया था।

10 अक्टूबर को सामान बिल सहित वापस पंचकूला पहुंचा। ट्रांसपोर्ट कारोबारी को संदेह हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जांच में फर्जी दस्तावेजों का मामला सामने आया।

12 अक्टूबर को बरामद हुई थीं 1000 शीशियां
सेक्टर-25 स्थित एक कोरियर कंपनी के कार्यालय से 12 अक्टूबर को कफ सिरप की 1000 शीशियां बरामद की गई थीं। 10 गत्ते की पेटियों में रखी इन शीशियों का कुल वजन करीब 100 किलो था। ड्रग कंट्रोल अधिकारी की जांच में सिरप को एनडीपीएस एक्ट के दायरे में आने वाली नशीली दवा के रूप में चिह्नित किया गया। इसके बाद चंडीमंदिर थाने में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने पहले राकेश और आशीष को गिरफ्तार किया। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर गणेश सैनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस अंकुश वाजपेयी की तलाश के साथ यह पता लगा रही है कि इससे पहले सिरप की कितनी खेप भेजी गईं, फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन शामिल है।

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