मधुबनी में Agri Stack मिशन तेज, 30 जून तक हर किसान का बनेगा डिजिटल ID

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मधुबनी में Agri Stack मिशन तेज, 30 जून तक हर किसान का बनेगा डिजिटल ID
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 मधुबनी

 Agri Stack Project: जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान को एक बार फिर मिशन मोड में चलाया जाएगा।

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर निर्देश दिया कि 12 मई से 30 जून 2026 तक अधिक से अधिक किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाए।

सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फार्मर आईडी नहीं बनने पर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।

यह अभियान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री स्टैक परियोजना के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं, बीडीओ, अंचल अधिकारियों और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए

लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व मुकेश रंजन को निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और तकनीकी समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी की गई है।

1.74 लाख किसानों की बनी आईडी
कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले में अब तक 1,74,853 किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है।

फार्मर आईडी के लिए पहले कृषि विभाग की ओर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जमाबंदी प्रविष्टि का सत्यापन किया जाता है।

किसान खुद करा सकते रजिस्ट्री
जिलाधिकारी ने बताया कि किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से स्वयं भी फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। पीएम किसान योजना से लाभान्वित और जमाबंदीधारी किसान शिविर में पहुंचकर आसानी से अपना फार्मर आईडी बनवा सकते हैं।

जिन किसानों के नाम से जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, उन्हें पहले आवश्यक परिमार्जन कराने की सलाह दी गई है।

क्या हैं इसके फायदे
फार्मर रजिस्ट्री किसानों की एक डिजिटल पहचान है, जिसमें आधार नंबर, बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड को जोड़ा जाता है।

इसके जरिए किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे खाते में मिलेगा। साथ ही फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, खाद-बीज वितरण और राहत राशि वितरण में पारदर्शिता आएगी।

सरकार का मानना है कि यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल सुधार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

 

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