आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव: जगन मोहन रेड्डी का आरोप, विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन से रोका जा रहा

Editor
3 Min Read

 अमरावती
आंध्र प्रदेश में नगर निकाय चुनावों के नामांकन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया है कि राज्य में विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उम्मीदवारों को धमकाया जा रहा है और उन पर हमले किए जा रहे हैं। जगन मोहन रेड्डी ने इन घटनाओं को लेकर राज्य में लोकतंत्र, कानून-व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

‘क्या राज्य में संविधान और कानून का पालन हो रहा है?’
जगन मोहन रेड्डी ने सवाल किया कि आंध्र प्रदेश में लोकतंत्र के साथ क्या हो रहा है और क्या राज्य में संविधान तथा कानून के शासन का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर उम्मीदवार को चुनाव लड़ने का समान अवसर मिलना चाहिए, लेकिन विपक्षी उम्मीदवारों को कथित तौर पर नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। जगन मोहन रेड्डी ने पूछा कि क्या आयोग निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा है और विपक्षी उम्मीदवारों को सुरक्षा देने में पुलिस क्यों नाकाम हो रही है।

सांसद पीवी मिथुन रेड्डी पर हमले का भी जिक्र
YSRCP प्रमुख ने राजमपेट के सांसद पीवी मिथुन रेड्डी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि क्या आंध्र प्रदेश में विपक्षी नेताओं और उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित है। जगन मोहन रेड्डी के मुताबिक, जब चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को ही धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ेगा, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव होंगे? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना जरूरी है और प्रत्येक उम्मीदवार को बिना किसी डर के चुनाव लड़ने का उचित अवसर मिलना चाहिए।

चुनावी निष्पक्षता पर बढ़ा सियासी टकराव
नगर निकाय चुनावों के नामांकन को लेकर जगन मोहन रेड्डी के आरोपों ने राज्य की राजनीति में चुनावी निष्पक्षता और विपक्ष की सुरक्षा का मुद्दा उठा दिया है। YSRCP अध्यक्ष ने राज्य निर्वाचन आयोग और पुलिस से उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा है। हालांकि, नामांकन में बाधा डालने, धमकाने और हमले के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने और जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live