मध्यप्रदेश में निवेश हर दृष्टि से आपको लाभ देगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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जीआईएस 2027 के लिये किया आमंत्रित

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंध्र प्रदेश में निवेशकों से मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापना का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास की प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण निवेशकों द्वारा किए गए निवेश पर उन्हें हर स्थिति में लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आंध्र प्रदेश में निवेशकों से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश के नए अवसरों और औद्योगिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में हो रहे कार्यों की जानकारी निवेशकों को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा में बताया कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं और अनुकूल औद्योगिक वातावरण का लाभ सभी को मिल रहा है। राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन की 25 सरलीकृत नीतियां विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आने में सहायक बन रही हैं। मध्यप्रदेश में धार जिले में पीएम मित्र पार्क और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकाई में महत्वपूर्ण निवेश अब क्रियान्वयन की ओर है। हाल ही में जबलपुर-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर की योजना तैयार की गई है। यह कॉरिडोर प्रदेश के बड़े व्यापक भू-भाग की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विजयवाड़ा में सुप्रसिद्ध अभिनेता श्री विजय देवरकोंडा एवं अभिनेत्री श्रीमती रश्मिका मंदाना से भी भेंट हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश फिल्म शूटिंग के क्षेत्र में देश में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश की फिल्म-फ्रेंडली नीतियां, फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने में सफल हुई हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को जीआईएस : 2027 का आमंत्रण देते हुए आयोजन की रूपरेखा की जानकारी दी जिसमें भोपाल में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक एकत्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई थी जिसमें 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे। इन प्रस्तावों में से एक तिहाई प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।

निवेशकों से की वन-टू-वन चर्चा
टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहन स्पिनटेक्स इंडिया लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध संचालक श्री वी. सुधाकर चौधरी तथा श्री अनंत लक्ष्मी स्पिनिंग मिल्स के अध्यक्ष श्री सामिनेनी कोटेश्वर राव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दोनों उद्योगपतियों को धार स्थित पीएम मित्रा पार्क और प्रदेश के कपास उत्पादक क्षेत्रों में इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। चर्चा में स्पिनिंग, होम टेक्सटाइल, बुनाई और प्रसंस्करण इकाइयों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। श्री चौधरी के साथ कृभको के अध्यक्ष के रूप में जैव-उर्वरक, कृषि आदान और कृषि लॉजिस्टिक्स में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेनाली डबल हॉर्स के प्रबंध संचालक श्री मोहन श्याम प्रसाद के साथ प्रदेश के दलहन उत्पादक क्षेत्रों के समीप दाल मिल स्थापित करने की संभावनाओं पर संवाद हुआ। कॉन्टिनेंटल कॉफी के महाप्रबंधक श्री मीनावल्ली बलराम से उत्तर और मध्य भारत के बाजारों में आपूर्ति के लिए मध्यप्रदेश में कॉफी ब्लेंडिंग, पैकिंग एवं वितरण केंद्र विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया।

इंजीनियरिंग क्षेत्र में क्रिस्टना इंजीनियरिंग वर्क्स के संचालक श्री बी. राजा शेखर के साथ प्रदेश के सीमेंट, खनन और विद्युत उत्पादन क्षेत्रों की औद्योगिक आवश्यकताओं पर चर्चा हुई। इन उद्योगों के समीप कास्टिंग, मशीनिंग, कलपुर्जों और सर्विस सेंटर से संबंधित इकाइयों की स्थापना की संभावनाओं पर विचार किया गया। रामकोर ग्रुप के अध्यक्ष श्री के.वी.एस. प्रकाश राव से प्रदेश में वाणिज्यिक वाहनों और ट्रैक्टरों के डीलर नेटवर्क के विस्तार तथा ऑटो-सर्विस क्षेत्र में कौशल विकास पर चर्चा हुई।

सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश को लेकर फॉर्च्यून मुरली ग्रुप के प्रबंध संचालक श्री मुत्तवरपु मुरली (कृष्णा) से संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने उज्जैन, इंदौर और ओंकारेश्वर में होटल व्यवसाय एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधोसंरचना और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर एवं लोकसभा सांसद डॉ. सी.एम. रमेश तथा कंपनी के कार्यकारी संचालक श्री सी.एम. राजेश के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी अधोसंरचना विकास, इंजीनियरिंग एवं निर्माण, सिंचाई, बांध निर्माण और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में कार्यरत है।

बोंडाडा ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक डॉ. बोंडाडा राघवेंद्र राव के साथ भी प्रदेश में निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। समूह नवकरणीय ऊर्जा, सोलर परियोजनाओं, टेलीकॉम और रेलवे अधोसंरचना के क्षेत्रों में कार्य करता है। नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के प्रमोटर एवं संचालक श्री सी. गोविंद विश्वेश से अधोसंरचना और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सीवीआर समूह से जुड़ी नवयुग इंजीनियरिंग एवं चिंता ग्रीन एनर्जी कंपनियां पुल, टनल, बंदरगाह, सिंचाई, सौर ऊर्जा, बैटरी भंडारण और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

 

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