वैशाली नाव हादसा: एक साथ 13 शव देख कलेजा दहल गया, बिना बताए भोज खाने गए बच्चे फिर नहीं लौटे

Editor
5 Min Read

हाजीपुर
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार रात हुए नाव हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव में एक साथ 13 बच्चों के शव कतार में देख सबका कलेजा दहल गया। जिधर नजर जाती सभी की नम आंखें और उदास चेहरे ही दिख रहे थे। पूरे गांव में बुधवार को किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला। एक जगह गुमसुम बैठे एकटक निहारते लोग और बीच-बीच में रोने की आवाज माहौल को गमगीन बना रही थी। सबके दिल में छिपा दर्द आंसू बनकर बाहर आ रहा था। बच्चे मंगलवार शाम को ट्यूशन पढ़कर बिना बताए ही भोज खाने के लिए चले गए थे। इसी दौरान गंगा नदी के ढाब में उनकी नाव पलट गई।

रामपुर श्यामचंद गांव के लोगों के लिए मंगल का वार अमंगल साबित हुआ। घटना के संबंध में बताते-बताते सुरेश राय फफक पड़े। इनकी दो बेटियों की मौत डूबने से हो गई। उन्होंने कहा, मंगलवार की शाम गांव के सभी बच्चे उनके दरवाजे पर ट्यूशन पढ़ रहे थे। शिक्षक बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर चले गए। इसके बाद सभी बच्चे चौकी पर अपना कॉपी-किताब छोड़कर भोज खाने जाने का प्लान बनाने लगे।
घर वालों को बिना बताए भोज खाने चले गए

घर से कुछ दूरी पर ही ढाब के उस पार एक श्राद्ध कार्यक्रम में लोगों को भोज खाने जाना था। ट्यूशन पढ़ने के बाद बच्चे अपने अन्य चचेरे भाई-बहनों के साथ परिजनों को बिना बताए भोज खाने निकल पड़े। चुपके से सभी घाट पर पहुंचे और बच्चे एक-एक करके नाव पर सवार हो गए।
 
नाव पर सवार थे 25 बच्चे, किनारे से 7 मीटर पहले पलटी नाव
उन्होंने बताया कि नाव में कुल 25 बच्चे सवार थे। दूसरे किनारे पहुंचने से करीब 5 से 7 मीटर पहले ही नाव डूब गई। नाव पर सवार सभी लोग चीखने-चिल्लाने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास लोग घाट की ओर दौड़ते हुए भागे। उन्होंने देखा कि सभी बच्चे ढाब के पानी में उपला रहे हैं। ग्रामीण भी शोर मचाते हुए बच्चों को बचाने के लिए पानी में कूदे। कुछ को तो बचा लिया गया, लेकिन कई नहीं बच पाए।

ढाब के दूसरे किनारे से लोग चिल्लाते रहे, पर किसी ने नहीं सुना
नाव की बायीं ओर करीब एक फीट लकड़ी का पटरा उखड़ा था। भोज खाने के लिए सभी लोग नाव सवार होने लगे तभी दूसरी साइड के लोग तेज-तेज आवाज में बोल रहे थे कि पांच से अधिक लोग नहीं बैठें, नाव की स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि, उन लोगों की बात नाव में बैठे बच्चों और अन्य लोगों तक नहीं पहुंची।

नाव में अधिक भार होने की वजह से ढाब के बीच में पहुंचते ही नाव डगमागाने लगी और धीरे-धीरे पानी बढ़ने लगा। नाव में बैठे बच्चे और अन्य लोग पानी निकालने के लिए हर संभव प्रयास करते रहे। उन्होंने काफी पानी निकाला, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। नाव दूसरे छोर पर पहुंचने से पहले ही डूब गई। जिस स्थान पर नाव डूबी वहां पर गहराई 20 से 25 फीट थी।

रात होने की वजह से रेस्क्यू करने में ग्रामीणों को काफी परेशानी हुई। जब लोग हल्ला मचाते हुए घटनास्थल की ओर दौड़े। उस वक्त जिसके हाथ में जो लगा बांस, रस्सी, बांस का फट्टा लेकर पानी में कूद गए। अंधेरा होने की वजह से पानी में कुछ नहीं दिख रहा था। पानी में डूबे लोगों को आवाज के सहारे ही बचाया गया। अंधेरे में कौन कहां है या नहीं पता चल पाया और किस ओर है या है भी नहीं, यह लोगों को पता चल पाया। इससे एक ही झटके में 13 की जान चली गई।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live