Hyundai का भारत में ₹1.47 लाख करोड़ निवेश का ऐलान, PM मोदी से मुलाकात के बाद बड़ा फैसला

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नई दिल्‍ली
 दक्षिण कोरियाई कंपनी हुंडई मोटर ग्रुप 2026 और 2032 के बीच भारत में 15.5 अरब डॉलर (करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। इससे हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड और किआ इंडिया की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी। साथ ही रिसर्च एंड डेवलपमेंट, लोकल सोर्सिंग और भविष्य की मोबिलिटी से जुड़े बिजनेस भी मजबूत होंगे।

नई दिल्ली में हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यूइसुन चुंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक के बाद मंगलवार को इस सात साल के निवेश प्लान की घोषणा की गई। यह प्लान कोरियाई ऑटोमोटिव ग्रुप की ग्लोबल ग्रोथ स्ट्रैटेजी में भारत के बढ़ते महत्व को दिखाता है।

भारत में बनेगी खास निवेश इकाई
यह पहल भारत को हुंडई मोटर ग्रुप की भविष्य की ग्रोथ, उभरते बाजारों में विस्तार और अगली पीढ़ी के ऑटोमोटिव इनोवेशन के लिए एक अहम रणनीतिक बाजार के तौर पर स्थापित करती है।

इतने बड़े पैमाने पर निवेश की इस पहल को सही ढंग से लागू करने के लिए हुंडई मोटर ग्रुप भारत में एक खास निवेश इकाई बनाएगा। यह इकाई R&D इंफ्रास्ट्रक्चर, भविष्य की टेक्नोलॉजी और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के बड़े इकोसिस्टम में निवेश का तालमेल बिठाएगी। साथ ही उसे लागू करेगी।

भारत में निवेश और रणनीतिक विस्तार
हुंदै मोटर समूह के कार्यकारी चेयरमैन ईसुन चुंग ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान भारत के वाहन उद्योग के भविष्य और समूह की दीर्घकालिक वृद्धि रणनीति पर चर्चा हुई। समूह ने कहा कि निवेश का बड़ा हिस्सा हुंदै मोटर इंडिया और किआ इंडिया की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने में लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करना और भारत को समूह के प्रमुख वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना है। भारत में समूह की मौजूदा वार्षिक उत्पादन क्षमता 14 लाख से अधिक वाहनों की है।

कलपुर्जों का स्थानीयकरण बढ़ेगा
हुंदै स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ साझेदारी बढ़ाकर कलपुर्जों का स्थानीयकरण करेगा। इससे भारत में वाहन कलपुर्जों की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने में मदद मिलेगी। समूह नई प्रौद्योगिकियों और नए मोबिलिटी कारोबार में भी निवेश करेगा। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग, वाहन वित्त और पुराने वाहनों के पुनर्चक्रण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

रोजगार के मौके बढ़ेंगे
कंपनी चेयरमैन चुंग ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर हुंदै मोटर के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजारों में से एक है। भारत में समूह की मौजूदगी के 30 साल पूरे होने के बाद यह निवेश अगले 30 साल और उससे आगे तक देश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत के औद्योगिक विकास में योगदान मिलेगा।

भारत ग्रुप के सबसे अहम बाजारों में एक
हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यूइसुन चुंग ने कहा, 'भारत दुनियाभर में हुंडई मोटर ग्रुप के सबसे अहम और रणनीतिक बाजारों में से एक बना हुआ है। पिछले 30 साल भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। यह निवेश अगले 30 साल और उसके बाद भी भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को फिर से पक्का करता है।'

चुंग ने आगे कहा, 'इस निवेश के जरिए हम रोजगार के और मौके पैदा करेंगे। भारत के लगातार औद्योगिक विकास में मदद करने के लिए अपने पार्टनर्स और स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करेंगे।'

कंपनी का बड़ा है प्‍लान
ग्रुप की योजना बढ़ती मांग को पूरा करने और भारत को ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के तौर पर मजबूत करने के लिए अपनी हुंडई और किआ फैसिलिटीज में प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने की है। हुंडई मोटर ग्रुप की भारत में अभी सालाना मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 14 लाख से ज्‍यादा गाड़ियों की है। इसमें हुंडई की चेन्‍नई और पुणे फैसिलिटीज और किआ का अनंतपुर प्लांट शामिल हैं।

दक्षिण कोरियाई ऑटोमेकर अपनी भारतीय रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में भी लगभग 70 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी। इसमें गाड़ी टेस्टिंग ट्रैक भी शामिल है ताकि अगली पीढ़ी की ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के विकास में तेजी लाई जा सके। इसका प्‍लान लोकल इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूत करने का है। साथ ही भारत को एक अहम इनोवेशन हब के तौर पर विकसित करने की भी योजना है।

ग्रुप की योजना रीजनल पार्टनर्स में निवेश करके और एक ज्यादा मजबूत लोकल सप्लाई चेन विकसित कर घरेलू सोर्सिंग को मजबूत करने की है। यह EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, खास ऑटोमोटिव फाइनेंसिंग और गाड़ियों की रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में भी मौके तलाशेगा। साथ ही, यह ज्‍याादा संभावना वाले स्टार्टअप्स को सपोर्ट कर मोबिलिटी सर्विसेज का विस्तार करेगा।

भारत में 24,000 से ज्‍यादा कर्मचारी
हुंडई मोटर ग्रुप के भारत में अभी 24,000 से ज्‍यादा कर्मचारी हैं। उसने कहा कि इस निवेश से मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, R&D और सप्लाई चेन में रोजगार के मौके पैदा होने की उम्मीद है।

इस घोषणा में हुंडई और किआ के बीच निवेश के बंटवारे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

हुंडई मोटर ग्रुप ने अपनी सहयोगी कंपनियों के जरिए भारत में कंपोनेंट और सर्विस से जुड़े कामकाज भी शुरू किए हैं। इन कंपनियों में हुंडई मोबिस, हुंडई ट्रांसिस, हुंडई कैपिटल, हुंडई विया और हुंडई ग्लोविस शामिल हैं।

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