आयुष्मान योजना में बड़ा एक्शन, मध्य प्रदेश के 69 अस्पताल बाहर; 21 को 31 अक्टूबर तक की मोहलत

Editor
3 Min Read

नई दिल्ली

आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ योजना के तहत मध्य प्रदेश के 69 अस्पतालों को योजना से बाहर कर दिया गया है. इनमें भोपाल के 27 अस्पताल शामिल हैं. इन अस्पतालों की संबद्धता खत्म करने के पीछे अलग-अलग कारण हैं. सबसे ज्यादा 60 अस्पताल राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (National Board of Accreditation एनएबीएच) का गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल करने की अनिवार्यता पूरी नहीं कर सके. वहीं, पांच अस्पतालों ने पिछले छह महीने से आयुष्मान कार्डधारियों का इलाज नहीं किया. तीन अस्पतालों की संबद्धता अन्य कारणों से खत्म की गई है. इसके अलावा, भोपाल के मारुति अस्पताल पर मृत मरीज के नाम पर क्लेम लेने के मामले में कार्रवाई की गई है। 

एनएबीएच प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई
योजना के अधिकारियों के अनुसार, अस्पतालों का निरीक्षण करने पर कई जगह गंभीर अनियमितताएं मिलीं. कुछ अस्पताल जरूरी गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत नहीं कर पाए. इसके चलते उन्हें योजना से बाहर किया गया. भोपाल के 27 अस्पतालों में नवोदय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, श्रीराम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, आरएआई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, परफेक्ट मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर सेंटर, सेंट्रल हॉस्पिटल, रक्षा हॉस्पिटल, सहज हॉस्पिटल, गुडविल हॉस्पिटल, एबी हॉस्पिटल, वीएनएस हॉस्पिटल, राजधानी हॉस्पिटल और एशियन हॉस्पिटल समेत अन्य अस्पताल शामिल हैं। 

पांच अस्पतालों ने छह महीने से नहीं किया इलाज
आयुष्मान योजना के तहत पिछले छह महीने से मरीजों का इलाज नहीं करने वाले पांच अस्पतालों को भी बाहर कर दिया गया है. इनमें भोपाल का शल्या जॉइंट केयर, ग्वालियर का मेट्रो न्यूरो हॉस्पिटल, नीमच का रामनिवास आयरन हॉस्पिटल, शाजापुर का श्री डीपी केयर हॉस्पिटल और टीकमगढ़ का न्यू सिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। 

21 अस्पतालों को 31 अक्टूबर तक मोहलत
भोपाल के 10 अस्पतालों को फिलहाल राहत दी गई है. इनमें हेल्थ स्टार मल्टीस्पेशियलिटी, मयूर हॉस्पिटल, शुभम हॉस्पिटल, एलएन मेडिकल कॉलेज एंड जेके हॉस्पिटल, लक्ष्मी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, एपेक्स हॉस्पिटल और पीपुल्स हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पताल शामिल हैं. वहीं, 21 अस्पतालों को एनएबीएच प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। 

योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने बताया कि नियमों का पालन नहीं करने और जरूरी प्रमाणपत्र नहीं देने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। 

लंबित क्लेम के लिए 50 डॉक्टर नियुक्त
अस्पताल संचालकों ने भुगतान में देरी को लेकर आंदोलन किया थ. इसके बाद सरकार ने पोर्टल-2 पर लंबित एक लाख क्लेम का निपटारा दो महीने में करने का आश्वासन दिया है. इसके लिए 50 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है. सरकार का मकसद लंबित भुगतान से जुड़े मामलों को जल्द निपटाना है. इसके साथ-साथ हम लोगों ने कुछ ऐसे भी काम किए हैं जैसे कि आलू के पौधे में तीन-चार तरह के विटामिन में अलग-अलग ट्रांसजेनिक टेक्नीक से डाल दिए हैं. यह टारगेट है कि इस तरह की सारी इनफार्मेशन हमारे बच्चों में पहुंचे यह रिसर्च और एडवांस लेवल पर जाए। 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live