सना
जिबूती से यमन जा रही एक नाव के डूबने से कम से कम 139 माइग्रेंट्स की मौत हो गई है, जिनमें कम से कम 15 बच्चे शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र की संस्था इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) ने बताया कि 300 से ज्यादा माइग्रेंट्स को ले जा रही यह नाव जिबूती के ओबोक शहर के उत्तर में गुहेरे के पास 8-9 अक्टूबर की रात हादसे का शिकार हो गई. नाव पर 305 लोग सवार थे, जिनमें से लगभग 82 माइग्रेंट्स को रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि करीब 84 लोग अब भी लापता हैं।
जिबूती में आईओएम के मिशन प्रमुख एलेक्जेंड्रे कॉइसैक ने कहा, 'हमारी टीमें लोकल अथॉरिटीज के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर इमरजेंसी असिस्टेंस दे रही हैं. यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि आर्थिक अवसरों की तलाश में इस कॉरिडोर से गुजरने वाले माइग्रेंट्स को कितना खतरा उठाना पड़ता है।
IOM के बयान में कहा गया है कि जिबूती की लोकल अथॉरिटीज सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के साथ ही जीवित बचे माइग्रेंट्स को मेडिकल केयर देने और मृतकों के अंतिम संस्कार का इंतजाम कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, ये माइग्रेंट्स यमन जा रहे थे, ताकि अमीर गल्फ देशों तक पहुंच सकें, जबकि खुद यमन के नागरिक अपना देश छोड़कर भाग रहे हैं, क्योंकि वहां 2022 के यूएन-मध्यस्थता वाले युद्धविराम के बाद से सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों और ईरान समर्थित हूतियों के बीच लड़ाई में गंभीर स्तर पर बढ़ गई है।

