मुरादाबाद की बेटियों की ढाल बनीं एसआई समीक्षा ठाकुर, शोहदों पर कसा शिकंजा

Editor
5 Min Read

मुरादाबाद
नवरात्र में पूरा जनपद मां दुर्गा की आराधना में लीन है। पंडालों और मंदिरों में घंटियां गूंज रही हैं, और उसी समय सड़कों, बाजारों, चौराहों और गांव की चौपालों पर शक्ति का एक और रूप दिख रहा है- खाकी वर्दी में मुस्तैद महिला पुलिसकर्मी। इस मोर्चे का प्रतिनिधि रूप हैं मुरादाबाद की मिशन शक्ति सेल प्रभारी उप निरीक्षक समीक्षा ठाकुर, जो मानती हैं कि महिलाएं सिर्फ चहारदीवारी या सुरक्षित नौकरियों के लिए नहीं बनी हैं। वे खाकी पहनकर हर बहन-बेटी की ढाल भी बन सकती हैं। समीक्षा इसी संकल्प के साथ दिन-रात आधी आबादी को अभयदान देने में जुटी हैं।

गांव की दहलीज से खाकी तक
मां दुर्गा का एक रूप दृढ़ता का है, और समीक्षा की कहानी इसी से शुरू होती है। मेरठ के सरूरपुर खुर्द थाना क्षेत्र के पांची गांव की इस बेटी ने उस दौर में पढ़ाई और नौकरी का सपना देखा, जब गांवों में लड़कियों के लिए सोच बेहद सीमित थी। उन्होंने देखा कि अधिसंख्य महिलाएं लोकलाज व डर के मारे छेड़खानी व उत्पीड़न की तकलीफ दिल में दफन कर लेती थीं। यही टीस उनकी प्रेरणा बनी। 30 जून 2019 को पुलिस सेवा में शामिल होकर उन्होंने प्रशिक्षण पूरा किया और संकल्प लिया कि पीड़ितों की आवाज बनेंगी और उनका संकोच मिटाएंगी। आज वह ग्रामीण परिवेश की हर उस बेटी के लिए मिसाल हैं, जो सपनों को पंख देना चाहती है।

चौपाल में संवाद: टूट रहा हिचक का दायरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत 'मिशन शक्ति’ फेज-5.0 में समीक्षा के नेतृत्व में पुलिस टीम हर रविवार रोस्टर के अनुसार गांवों और कस्बों में 'बहू-बेटी सम्मेलन' और चौपाल कर रही हैं। कभी थाने जाने से कतराने वाली ग्रामीण महिलाएं अब महिला पुलिसकर्मियों को अपना साथी मानती हैं। स्कूल-कॉलेजों में शिकायत पेटिकाएं लगाई गई हैं। महिला बीट अधिकारी अपने मोबाइल नंबर छात्राओं से साझा कर रही हैं, ताकि नाम गोपनीय रखते हुए भी शिकायत दर्ज कराई जा सके। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और पीआरवी की नियमित गश्त से माहौल सुरक्षित बनाया गया है।

शोहदों पर जीरो टॉलरेंस का कहर
समीक्षा बताती हैं कि जिले के सभी 20 थानों में एंटी रोमियो स्क्वाड और मिशन शक्ति केंद्र सक्रिय हैं। स्कूल-कॉलेज खुलने और छूटने के समय, कोचिंग संस्थानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में विशेष चेकिंग अभियान चलता है। हाल में कटघर थाना क्षेत्र की चौकी दससराय में महिलाओं की शिकायत पर महिला उप निरीक्षक सोनम पुनिया की टीम ने राह चलती युवतियों पर अश्लील फब्तियां कसने वाले एक शोहदे को दबोच कर उसे जेल भेजा। महिला सुरक्षा दस्तों ने भी ऐसे शोहदों के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए हैं।

सख्ती के साथ संवेदना का चेहरा भी
खाकी सिर्फ सख्ती का नाम नहीं है, उसमें ममता भी है। समीक्षा बताती हैं कि मूढापाण्डे थाने में मिशन शक्ति सेल की महिला उप निरीक्षक सुनीता और उनकी टीम ने जेल में निरुद्ध एक महिला के तीन मासूम बच्चों का भविष्य संवारा। टीम ने बच्चों को स्कूल में एडमिशन कराया और साल भर की फीस भी जमा कराई। बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस व कॉपी-किताबें भी खरीदीं। इसी तरह सिविल लाइंस क्षेत्र से लापता हुए तीन बच्चों को महिला निरीक्षक ऊषा मलिक की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तलाशा और सकुशल परिजनों को सौंपा। कोतवाली क्षेत्र में लापता तीन वर्षीय बच्चे को उप निरीक्षक चंद्रप्रभा गौतम की टीम ने एक घंटे के भीतर खोजकर परिवार की गोद में लौटाया।

पीड़ितों का सहारा बने मिशन शक्ति केंद्र
मिशन शक्ति केंद्र पर पॉक्सो एक्ट के मामलों से जुड़ी पीड़ित बालिकाओं और महिलाओं की विशेषज्ञों से काउंसिलिंग कराई जा रही है। मकसद है उन्हें मानसिक आघात से उबारना, चिकित्सीय जांच सुनिश्चित करना और पढ़ाई की आर्थिक अड़चनें दूर करना, जिसके लिए फीस माफी तक की व्यवस्था कराई जा रही है। समीक्षा के इस समर्पण के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह के अलावा कई सामाजिक संस्थाओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।

जिम्मेदारी मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास
समीक्षा कहती हैं कि पहले पुलिसिंग को केवल पुरुषों का दायित्व माना जाता था। अब हर बीट, हर चौराहे और संवेदनशील स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी मिलने से उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा है। नवरात्र के अवसर पर उनका संदेश साफ है कि हर बेटी और महिला बिना किसी भय के अपने सपने पूरे करे, उनकी सुरक्षा और संबल के लिए योगी सरकार की पुलिस चौबीसों घंटे तैनात है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live