छतरपुर
छतरपुर जिले के गढ़ा में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0 का मार्ग तय हो गया है। करीब 500 किलोमीटर लंबी यह यात्रा आज 11 अक्टूबर से बागेश्वर धाम से शुरू होगी और पांच दिन बाद 15 अक्टूबर को वापस छतरपुर पहुंचेगी।
यात्रा का रूट गढ़ा से शुरू होकर अजयगढ़, पन्ना, अमानगंज, पवई, सागर, दमोह, हटा और टीकमगढ़ होते हुए छतरपुर तक रहेगा। यात्रा के दौरान करीब हर 20 किलोमीटर पर पड़ाव निर्धारित किए जाएंगे। रात्रि विश्राम वाले स्थानों पर धार्मिक आयोजन होंगे। इनमें हनुमान चालीसा, हवन और लोगों को हिंदू राष्ट्र की शपथ दिलाने का कार्यक्रम शामिल रहेगा।
यात्रा की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रगान के साथ होगी। यात्रा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के लिए विशेष रूप से तैयार वैनिटी वैन और बालाजी महाराज का रथ शामिल रहेगा। आयोजकों के मुताबिक, यात्रा में करीब 5 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय, चित्रलेखा और गुरु मीमा जी ने वीडियो जारी कर यात्रा में शामिल होने की बात कही है।
यात्रा से पहले दैनिक भास्कर ने बागेश्वर धाम पहुंचकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से तैयारियों, रथयात्रा के उद्देश्य और बुंदेलखंड के पांच जिलों को चुनने के कारणों पर बातचीत की।
संत-महंत और सुंदरकांड मंडल भी होंगे शामिल
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यात्रा के रूट और तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए देशभर के सनातनियों से इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यात्रा जिन क्षेत्रों से गुजरेगी, वहां आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर आयोजनों में सहभागिता करें।
यात्रा में श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए बसों की व्यवस्था भी रहेगी। संत-महंत, बागेश्वर शिष्य और विभिन्न सुंदरकांड मंडलों के सदस्य भी यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा के दौरान आयोजित सभाओं में राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा और सात वचनों की शपथ दिलाई जाएगी।
पीले चावल देकर घर-घर पहुंचाया जाएगा न्योता
यात्रा को लेकर बागेश्वर धाम के शिष्य, भक्त और सुंदरकांड मंडल के सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करेंगे। इसके लिए पीले चावल देकर सनातनियों को यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा।
पं. धीरेंद्र शास्त्री ने बुंदेली भाषा में हाथ जोड़कर लोगों से यात्रा में शामिल होने और इसे सफल बनाने में सहभागिता की अपील की है। उनका कहना है कि यात्रा का उद्देश्य धर्म, संस्कृति और हिंदू एकता का संदेश लोगों तक पहुंचाना है।
दो यात्राएं निकाल चुके हैं धीरेंद्र शास्त्री
यह पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीसरी बड़ी यात्रा होगी। इससे पहले नवंबर 2024 में बागेश्वर धाम से ओरछा तक करीब 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली गई थी। यात्रा के दौरान 'जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई' का संदेश दिया गया था।
इसके बाद नवंबर 2025 में दिल्ली से मथुरा-वृंदावन तक करीब 170 किलोमीटर की यात्रा 2.0 निकाली गई। इसमें यमुना शुद्धि, ब्रजधाम की रक्षा, सामाजिक समरसता, हिंदू राष्ट्र, लव जिहाद और गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने जैसे मुद्दे उठाए गए थे।
अब तीसरे चरण में 500 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा के जरिए बुंदेलखंड के कई जिलों में हिंदू एकता और सनातन संस्कृति का संदेश पहुंचाने की तैयारी है।
पंडित धीरेन्द्र शास्त्री: यात्रा के दौरान हर 20 किलोमीटर पर छोटा आयोजन होगा। इसमें लोगों को 7 संकल्प दिलाए जाएंगे। इनमें सनातन एकता के लिए जोर दिया जाएगा।
ये सात संकल्प दिलाएंगे
भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना
जातिवाद और छुआछूत का खात्मा करना
गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना
अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद पर रोक लगाना
हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों की मुक्ति और संरक्षण
आने वाली पीढ़ी को सनातन धर्म के संस्कारों से जोड़ना
प्रत्येक हिंदू को एकजुट करना (हिंदू एकता)
एक महीने से चल रही तैयारियां
सनातन हिन्दू एकता रथ यात्रा को लेकर बागेश्वर धाम में एक महीने से तैयारियां चल रही हैं। बागेश्वर धाम समिति के सदस्य, मंडल यात्रा के रूट, किस पड़ाव पर कहां रुकेगी, क्या व्यवस्था होगी, सभी की निगरानी में लगे हैं। खुद पंडित धीरेन्द्र शास्त्री 5 जिलों के प्रत्येक मंडलों और प्रभारियों से मुलाकात करके मीटिंग कर रहे हैं।
इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पांचों जिलों समेत विभिन्न क्षेत्रों में बागेश्वर सरकार और सनातन से जुड़े प्रचार-प्रसार करने वाले सोशल मीडिया वॉरियर्स से संवाद भी कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने ने सभी से रथ यात्रा का आमंत्रण जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सभी लोग स्वयं यात्रा में शामिल हों, यात्रा से संबंधित ब्लॉक न्यूज, वीडियो व सोशल मीडिया कंटेंट तैयार कर लोगों तक जानकारी पहुंचाएं। यात्रा के पहले धाम परिसर और नेशनल हाईवे पर बैनर-पोस्टर लगाए जा रहे हैं।
हाइड्रोलिक लिफ्ट वाली वैनिटी वैन बनेगी रथ
पंडित धीरेंद्र शास्त्री वैनिटी वैन पर सवार होंगे, जिसमें समर्थकों की भीड़ को देखते हुए रथ को विशेष सुरक्षा मानकों पर तैयार किया गया है। इसमें हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी है, जिससे धीरेंद्र शास्त्री रथ के ऊपर आकर संबोधित कर सकेंगे।
वैन पर भगवान हनुमान जी, गदा और सनातन धर्म के प्रतीकों की नक्काशी की जा रही है। साथ ही वैन के दोनों तरफ सीसीटीवी भी लगाए जा गए हैं।
ड्राेन से निगरानी होगी, बम डिस्पोजल दस्ता भी चलेगा
छतरपुर एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि यात्रा में भीड़ को देखते हुए सागर जोन से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस मुख्यालय से भी बल लिया जाएगा। ड्रोन, सीसीटीवी व्हीकल, रेडियो कम्युनिकेशन, सादा कपड़ों में सिविल पुलिस और बम डिस्पोजल दस्ता भी तैनात रहेगा।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की श्रेणी के अनुसार मल्टी-लेयर सुरक्षा, कारकेड और ट्रैफिक डायवर्जन का प्लान आयोजकों के साथ फाइनल किया जा रहा है। इसमें शामिल होने वाले अन्य साधु-संतों को भी उनकी श्रेणी के हिसाब से सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
हर पड़ाव पर हनुमान चालीसा और राष्ट्रगान
यात्रा प्रभारी धीरज गौर ने बताया कि यात्रा में पहले दिन कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय शामिल होंगे। उनकी उपस्थिति में धर्म ध्वजा लेकर यात्रा की शुरुआत होगी।
साथ ही प्रत्येक पड़ाव पर यात्रा शुरू होने के पहले हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रध्वज भी फहराया जाएगा। यात्रा में करीब पांच हजार लोग साथ चलेंगे। 20 मिनट के आशीर्वचन कार्यक्रम होंगे। हर 20 किमी पर यात्रा रुकेगी।
ये संत महात्मा होंगे शामिल
इंद्रेश महाराज, जगद्गुरु चिन्ना जियर स्वामी- हैदराबाद, अनिरुद्धाचार्य महाराज, गंगादास महाराज- मलूकपीठ, किशोरदास देव महाराज- गोरीलाल कुंज वृन्दावन, विपिन बिहारी दास महाराज, मौनी महाराज- हरिद्वार, अनुरुद्ध दास – ओरछा, शृंगारी महाराज, रामदास महाराज- केरवना, राधेश्याम महाराज- चित्रकूट, देवेन्द्र गिरि महाराज- दिल्ली, राजूदास महाराज- हनुमानगढ़ी, बाल योगेश्वर दास महाराज- बद्रीनाथ।

