चंडीगढ़-मोहाली में ED की बड़ी रेड: 40 घंटे की छापेमारी में ₹21 करोड़ जब्त

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चंडीगढ़-मोहाली में ED की बड़ी रेड: 40 घंटे की छापेमारी में ₹21 करोड़ जब्त
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चंडीगढ़.

मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कथित सीएलयू (चेंज आफ लैंड यूज) घोटाले और मनी लांड्रिंग मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की कार्रवाई करीब 40 घंटे बाद खत्म हुई। गुरुवार सुबह शुरू हुई रेड शुक्रवार देर रात तक चली।

लगातार दो दिन चली इस कार्रवाई से रियल एस्टेट कारोबारियों और प्रॉपर्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा रहा। सूत्रों के अनुसार ईडी की टीमें दूसरे दिन भी अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और बिल्डरों, कंपनियों तथा कथित लायजनरों से जुड़े दफ्तरों और आवासों की तलाशी ली। मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में कुल मिलाकर कई ठिकानों पर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत खंगाले गए। जांच के घेरे में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट, आल्टस स्पेस बिल्डर्स, डीआर कंस्ट्रक्शन और कुछ अन्य रियल एस्टेट कंपनियां हैं।

ईडी सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 21 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इसमें नकदी, प्रॉपर्टी दस्तावेज, बैंक रिकार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि मनी ट्रेल और निवेशकों से जुड़े लेनदेन की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके। जांच में सामने आया है कि न्यू चंडीगढ़ में बड़े रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीएलयू मंजूरियां हासिल की गईं। आरोप है कि जमीन मालिकों की सहमति के लिए फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे लगाए गए। इसी आधार पर बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिलाकर करोड़ों रुपये का निवेश जुटाया गया। पंजाब पुलिस ने इस मामले में 2022 और 2024 में एफआईआर दर्ज की थीं, जिनके आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग जांच शुरू की।

सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियां अब उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं जो कथित तौर पर बिल्डरों और सरकारी दफ्तरों के बीच संपर्क का काम करते थे। कुछ लायजनरों से जुड़े परिसरों में भी लंबी पूछताछ हुई। कार्रवाई के दौरान कई अहम फाइलें और डिजिटल डेटा कब्जे में लिया गया है। उधर, जांच के बीच पंजाब सरकार ने खरड़ नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी सुखदेव सिंह का तबादला फिरोजपुर कर दिया। हालांकि सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक फैसला बताया है, लेकिन रेड के दौरान हुए इस तबादले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। ईडी अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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