AMU में 8 साल बाद छात्रसंघ चुनाव की तैयारी, प्रदर्शन के बीच प्रॉक्टर नवेद खान हटाए गए

Editor
3 Min Read

 अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कैंपस से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर आ रही है! छात्रों के ज़बरदस्त आंदोलन और प्रदर्शन के आगे आखिरकार यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना ही पड़ा. AMU में लंबे समय से ठप पड़े छात्रसंघ (AMUSU) चुनावों को कराने की मांग प्रशासन ने मंजूर कर ली है. यानी पूरे 8 साल के लंबे इंतजार के बाद कैंपस में एक बार फिर छात्र राजनीति और लोकतंत्र की वापसी होने जा रही है। 

इतना ही नहीं, छात्रों के बढ़ते आक्रोश और सुरक्षा व्यवस्था के सवालों के बीच वीसी प्रो. नईमा खातून ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा एक्शन लेते हुए प्रॉक्टर को भी पद से हटा दिया है। 

प्रो. नवेद खान की छुट्टी, प्रो. नफीस अहमद बने नए प्रॉक्टर
कैंपस में जारी तनाव और छात्रों के प्रदर्शन के बीच वीसी प्रो. नईमा खातून ने प्रशासनिक फेरबदल का चाबुक चलाया. यूनिवर्सिटी द्वारा जारी ऑफिस मेमो के मुताबिक, राजनीति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी को AMU का नया प्रॉक्टर नियुक्त किया गया है। 

उन्होंने प्रो. मोहम्मद नवेद खान की जगह ली है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से दो साल या अगले आदेश तक के लिए की गई है। 

8 साल का लंबा सूखा खत्म, जगी चुनाव की उम्मीद
AMU में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से माहौल गर्म था. छात्रों का आरोप था कि लंबे समय से चुनाव न होने की वजह से उनकी आवाज़ को दबाया जा रहा था. उग्र प्रदर्शन और दबाव के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग स्वीकार कर ली है। 

नए प्रॉक्टर प्रो. नफीस अंसारी के सामने अब कैंपस में शांति बनाए रखने के साथ-साथ 8 साल बाद पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराने की कड़ी चुनौती होगी। 

AMU में 8 साल से क्यों ठप थे चुनाव?
AMU में अंतिम बार छात्रसंघ (AMUSU) चुनाव वर्ष 2018-19 सत्र के लिए आयोजित किए गए थे. इसके बाद से चुनाव पूरी तरह से बंद थे. 2019 में सीएए (CAA) विरोधी प्रदर्शनों और 2020 में कोविड महामारी के कारण कैंपस की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं. बाद में सुरक्षा कारणों, प्रशासनिक हीलाहवाली और वित्तीय अनुशासन का हवाला देकर चुनाव लगातार टाल दिए गए। 

छात्रों का तर्क था कि बिना छात्रसंघ के उनकी आवाज दब रही है और हॉस्टल व फीस संबंधी समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही. इसी को लेकर छात्रों ने 'AMUSU पुनर्बहाली आंदोलन' शुरू किया. पिछले कई हफ्तों से छात्र वीसी दफ्तर के बाहर धरना, तालाबंदी और उग्र प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी मुख्य मांगें तत्काल छात्रसंघ चुनाव कराने की तारीखों की घोषणा, पुलिस हस्तक्षेप पर रोक और प्रॉक्टर को हटाना थीं, जिन्हें प्रशासन ने स्वीकार कर लिया। 

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live