चंडीगढ़.
हरियाणा के सभी शहरों में घरों के बाहर आरएफआईडी टैग लगाए जाएंगे। इससे कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को डिजिटली ट्रैक किया जा सकेगा। इसके अलावा जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा ताकि कचरा उठाने वाली गाड़ियों की निगरानी की जा सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित पोर्टल की समीक्षा बैठक में कहा कि रियल-टाइम डेटा लगातार अपडेट होना सुनिश्चित किया जाए ताकि हर स्तर पर निगरानी सुदृढ़ हो सके। पोर्टल के माध्यम से नगर निकायों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। जहां कहीं भी कमियां पाई जाएं, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
इस प्रकार का मानिटरिंग सिस्टम विकसित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है जहां ऑनलाइन माध्यम से पूरे प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पोर्टल पर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का अवलोकन किया। इस पोर्टल पर नागरिक अपने क्षेत्र में कचरा उठाने वाले वाहनों की लाइव लोकेशन देख सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की जाए कि वे अपने घरों के बाहर लगाए गए आरएफआईडी टैग की देखभाल करें। यदि किसी क्षेत्र में घरों से कचरा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, तो नागरिक तुरंत इसकी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करें, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। आरएफआईडी के माध्यम से बिल कैलकुलेशन होगी और कचरा प्रबंधन से जुड़े वेंडर्स द्वारा बिल प्रस्तुत करते ही इसी पोर्टल के माध्यम से भुगतान होगा, जिससे वेंडर्स को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय म्युनिसिपल कमेटी स्तर पर जवाबदेही स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए, ताकि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए। कचरा उठान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को आधुनिक और प्रभावी बनाया जाए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और बेहतर प्रथाओं को अपनाकर हरियाणा को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए।
