पुलिस सेवा समाज सेवा का सशक्त माध्यम, सिद्धांतों पर अडिग रहना ही सफलता का आधार : प्रकाश सिंह

Editor
9 Min Read

पुलिस सेवा समाज सेवा का सशक्त माध्यम, सिद्धांतों पर अडिग रहना ही सफलता का आधार : प्रकाश सिंह

लखनऊ, 
 पद्मएवं पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह ने अपनी पुस्तक ‘संघर्ष’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि उन्होंने यह पुस्तक आत्मकथा के रूप में नहीं, बल्कि अपने सेवाकाल के कुछ अविस्मरणीय अनुभवों और उनसे मिलने वाली सीख को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लिखी है। 
उन्होंने कहा कि उनके पुलिस सेवाकाल की शुरुआत ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से हुई और उन्हें नगालैंड में विद्रोह की चुनौती के बीच करीब चार वर्ष कार्य करने का अवसर मिला। इसके बाद असम में उग्रवाद की चुनौती के बीच पुलिस महानिदेशक के रूप में जिम्मेदारी मिली। उत्तर प्रदेश में भी उस समय संगठित अपराध और माफिया की चुनौती थी। उन्होंने कहा कि पंजाब में आतंकवाद के चरम दौर में बीएसएफ में रहते हुए उन्हें बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ा। पाकिस्तान से सीमा पार कर आने वाले आतंकवादियों और हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया गया और बेहतर तकनीक का उपयोग करते हुए बॉर्डर फेंसिंग तैयार की गई, जिसके बाद पाकिस्तान से आतंकवादियों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगी और आतंकवाद को मिलने वाली ‘ऑक्सीजन’ धीरे-धीरे समाप्त हुई। 
उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद के विरुद्ध अपने अनुभवों और अपने ऊपर हुए जानलेवा हमलों का भी उल्लेख किया। इन अनुभवों को देवी दुर्गा की कृपा और ईश्वर की रक्षा से जोड़ा तथा पुस्तक को देवी दुर्गा को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित और परेशान व्यक्ति अपनी समस्या लेकर पुलिस के पास आता है। किसी की बेटी का अपहरण हुआ हो, संपत्ति पर कब्जा हुआ हो या उसके साथ कोई अन्य अपराध हुआ हो। ऐसे व्यक्ति की पीड़ा दूर करना, उसके आंसू पोंछना और उसके साथ संवेदनशीलता से पेश आना पुलिस अधिकारी के लिए समाज सेवा का अवसर है। उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति की समस्या दूर करने के बाद मिलने वाला आशीर्वाद किसी ईश्वर के आशीर्वाद से कम नहीं है। इसी भावना ने उन्हें कठिन परिस्थितियों के बावजूद 35 वर्ष तक पुलिस सेवा में बने रहने की प्रेरणा दी। 
उन्होंने कहा कि ‘संघर्ष’ में उन्होंने अपने सेवाकाल के अनुभवों, चुनौतियों, सिद्धांतों और आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सीख को संकलित किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं।

बॉक्स

हर पुलिसकर्मी वर्दी में एक नागरिक है और हर नागरिक बिना वर्दी का पुलिसकर्मी : स्वामी धर्मबंधु
स्वामी धर्मबंधु जी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के साथ आध्यात्मिकता भी आवश्यक है। नागरिकों में नैतिकता, अनुशासन, करुणा, न्याय, शांति और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों का विकास होना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति जगाने में भारतीय संस्कृति एवं शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रकाश सिंह को कर्तव्यनिष्ठा, राष्ट्रीयता और ईमानदारी का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। सादगी और राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय है। स्वामी धर्मबंधु ने कहा कि इतिहास हमें वर्तमान को समझने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने की सीख देता है। भारतीय परंपरा में राष्ट्र और कर्तव्य के प्रति समर्पण को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। उन्होंने पुलिस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि हर पुलिसकर्मी वर्दी में एक नागरिक है और हर नागरिक बिना वर्दी का पुलिसकर्मी है। पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर सामंजस्य तथा पारस्परिक जिम्मेदारी की भावना से ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।

सड़क सुरक्षा और पुलिस आधुनिकीकरण से सुरक्षित यातायात को मिलेगी मजबूती : डीजीपी

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने कहा कि आज का समारोह उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गौरव और प्रेरणा का अवसर है, जिसमें पुलिस सेवा के तीन महत्वपूर्ण पक्ष- शौर्य एवं उत्कृष्ट सेवा का सम्मान, सड़क सुरक्षा के लिए आधुनिक संसाधनों का सुदृढ़ीकरण तथा पुलिस सेवा के अनुभवों एवं विचारों का संरक्षण और उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य एक साथ हो रहा है। समारोह में 16 राष्ट्रपति वीरता पदक और 10 मुख्यमंत्री वीरता पदक प्रदान किए जा रहे हैं। 

उन्होंने निरीक्षक स्वर्गीय सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में 87 आधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को प्रदेश के सर्वाधिक दुर्घटना बहुल जनपदों के लिए रवाना किया जा रहा है। 

डीजीपी ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना लागू की गई है, जिसके तहत इंफोर्समेंट, इंजीनियरिंग, एजुकेशन और अवेयरनेस, इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट तथा इमरजेंसी रिस्पांस के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 7.89 प्रतिशत, मृत्यु में 9.08 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 8.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिससे 1,100 से अधिक बहुमूल्य जीवन बचाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित ‘यूपी गति’ एप के माध्यम से 20 शहरों के 109 सिटी रूट्स पर यातायात की 24×7 लाइव और रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है तथा अप्रैल 2026 से छह माह में कंजेशन प्वाइंट्स में चार प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, डेटा ड्रिवन एनालिसिस और टारगेटेड एनफोर्समेंट के माध्यम से ‘सुरक्षित यातायात, सुरक्षित नागरिक’ के संकल्प को मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है और एटीएस, एसटीएफ, साइबर क्राइम, एंटी करप्शन, विजिलेंस, महिला एवं बाल सुरक्षा, ट्रैफिक तथा फॉरेंसिक सहित सभी इकाइयां अपने दायित्वों का प्रभावी, समन्वित और विधिसम्मत निर्वहन कर रही हैं।

 

अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं इंटरसेप्टर वाहन
मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित 87 इंटरसेप्टर वाहनों (चार पहिया एवं दो पहिया) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये उन्नत इंटरसेप्टर वाहन प्रदेश में यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ सड़क यात्रियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने में सहायक होंगे। इन वाहनों में 360 डिग्री व्यू कैमरा, लेजर स्पीड गन, ब्रीथ एनालाइजर, पीए सिस्टम, मोबाइल फोन डिटेक्शन, एवीएन तथा टिंट मीटर जैसे आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इनके माध्यम से शराब पीकर वाहन चलाने, निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही यातायात उल्लंघनों की लाइव रिकॉर्डिंग भी संभव होगी। इंटरसेप्टर वाहनों में वायरलेस संचार सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे यातायात पुलिस के बीच त्वरित समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। कम ईंधन खपत वाले ये वाहन पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। हाईवे, शहरों के प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में इनकी त्वरित पहुंच से यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live