अवैध निर्माण मामले में गृह निर्माण संस्था भी बनी पक्षकार, MP हाईकोर्ट में सुनवाई

Editor
2 Min Read

इंदौर
भवन के अवैध हिस्से को नियमित करने के लिए शासन द्वारा शुरू की गई कंपाउंडिंग योजना को लेकर नया पेच सामने आ गया है। इस योजना को चुनौती देने वाली जनहित याचिका में अब कालोनी बसाने वाली गृह निर्माण संस्था भी पक्षकार बनेगी। याचिका की सुनवाई के दौरान संस्था की ओर से प्रस्तुत हस्तक्षेप आवेदन को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

संस्था का कहना है कि भवन में हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत उसी ने की थी, ऐसे में उसे सुने बिना फैसला दिया जाना गलत होगा। कोर्ट ने शासन और निगम को एक अक्टूबर से पहले जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट में इस मामले में दो जनहित याचिकाएं लंबित हैं, जो कल्पना सेतपाल और वर्षा गुरनानी ने दायर की हैं। दोनों याचिकाओं में राज्य शासन द्वारा भवनों के अवैध हिस्से को नियमित करने के लिए लाए गए कंपाउंडिंग नियमों को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2022 में शासन द्वारा लाए गए नियमों में भवन के ऊपरी हिस्से में किए गए निर्माण को कंपाउंडिंग में शामिल नहीं किया गया, जो गलत है।

गृह निर्माण संस्था ने हस्तक्षेप आवेदन दिया
एक याचिका केसरबाग रोड स्थित नेमानगर में बन रहे भवन को लेकर स्वामी कल्पना सेतपाल ने दायर की है। इस पर नेमानगर गृह निर्माण संस्था ने हस्तक्षेप आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में कोर्ट को बताया गया है कि भवन की शिकायत संस्था द्वारा ही की गई थी, इसलिए उसे भी सुना जाना चाहिए। संस्था ने कहा है कि कंपाउंडिंग के नियम को चुनौती देना ही गलत है।

 

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live