झालावाड़ पुलिस ने नाबालिग अपहरण मामला सुलझाया, प्रयागराज से लड़की सुरक्षित बरामद

Editor
3 Min Read
झालावाड़ पुलिस ने नाबालिग अपहरण मामला सुलझाया, प्रयागराज से लड़की सुरक्षित बरामद
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

 झालावाड़

राजस्थान में नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में झालावाड़ पुलिस ने कुछ ही घंटों में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग लड़की को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सुरक्षित बरामद कर लिया. मामले को लेकर SP अमित कुमार ने बताया कि 2 मई 2026 को परिजनों के जरिए थाना झालरापाटन में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जिसमें बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी(14) का बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां तलाशी शुरू की.

ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा था आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नाबालिग को ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा है, जहां से उसे बांग्लादेश ले जाने की योजना थी. इस पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर 5 मई को बालिका को दस्तयाब कर आरोपी को हिरासत में ले लिया.

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम आदित्य उर्फ बादल विश्वास बताया. उसने पहले झालावाड़ के सलोतिया क्षेत्र में रहने की जानकारी दी, लेकिन सख्ती से पूछताछ के दौरान उसे सारी सच्चाई को आसानी से कबूल कर लिया. उसने पूछताछ में जानकारी दी की वह मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है.

साल 2024 में टूरिस्ट वीजा पर आया था भारत
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 2024 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से यहीं रह रहा था। उसने पहचान छिपाने के लिए स्थानीय स्तर पर दस्तावेज तैयार करवा लिए थे और निवास भी बदल लिया था.

नाबालिग को बहलाकर रच रहा था साजिश
पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग से फोन पर संपर्क में था और कई बार उससे मिला भी था. उसने सुनियोजित तरीके से नाबालिग को अपने जाल में फंसाया और उसे लेकर भाग गया. उसकी योजना कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश ले जाने की थी.

पकड़ने के लिए की थी 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा  
इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है.

आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है.

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *