खेल मैदान से सेना-पुलिस भर्ती तक युवाओं की तैयारी, पार्थ योजना से मिलेगा प्रशिक्षण

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खेल मैदान से सुरक्षा बलों की भर्ती तक, युवाओं को तैयार करेगा खेल एवं युवा कल्याण विभाग

पार्थ योजना के अंतर्गत युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती की शारीरिक तैयारी का अवसर
तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में शुरू होगा शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, करीब 100 सीटें प्रस्तावित; आवेदन की अंतिम तिथि 25 सितंबर

भोपाल 

मध्यप्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पार्थ योजना (Police-Army Recruitment Training for Humanity and Hunnar) के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। योजना के तहत युवाओं को भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता की तैयारी के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। तात्या टोपे राज्य खेल परिसर, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए करीब 100 सीटें प्रस्तावित की गई हैं।

25 सितंबर तक आवेदन, करीब 100 सीटों का प्रस्ताव

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 100 सीटें उपलब्ध होंगी, जिनकी संख्या आवश्यकता के अनुसार इससे अधिक भी हो सकती है। प्रशिक्षण की अवधि शारीरिक परीक्षा की अवधि के अनुरूप निर्धारित की जाएगी।

सुबह और शाम दो सत्रों में होगी शारीरिक तैयारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अभ्यर्थियों को प्रतिदिन दो सत्रों में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। सुबह का प्रशिक्षण समय प्रातः 8 से 10:30 बजे तक तथा शाम का प्रशिक्षण समय शाम 6 से 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप अभ्यर्थियों को तैयार करना है।

पुलिस मुख्यालय से संबद्ध प्रधान आरक्षक देंगे प्रशिक्षण

पार्थ योजना के अंतर्गत तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश से प्रधान आरक्षक क्रमांक 972 बालेश यादव को छह माह की अवधि के लिए संबद्ध किया गया है। पुलिस विभाग के आदेश क्रमांक पुमु/विसबल/7(4)/1048/2026, दिनांक 31 अगस्त 2026 के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण कार्य के लिए नियुक्त किया गया है। 9 सितंबर 2026 को 23वीं वाहिनी विसबल, भोपाल से कार्यमुक्त कर उन्हें टाट्या टोपे स्टेडियम में प्रशिक्षण देने के लिए रवाना किया गया।

10 संभागीय जिला मुख्यालयों से योजना शुरू करने का प्रावधान

पार्थ योजना के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में विभागीय अधोसंरचना का उपयोग करते हुए 10 संभागीय जिला मुख्यालयों में योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। जिला खेल अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दिए जाने का प्रावधान है। प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर जोर दिया गया है।

योजना का संचालन विभागीय खिलाड़ी प्रशिक्षक कल्याण समिति के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। प्रशिक्षणार्थियों का रिकॉर्ड भी संधारित किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण की प्रगति एवं परिणामों का मूल्यांकन किया जा सके।

400 मीटर ट्रैक से लेकर हाई जंप उपकरण तक की व्यवस्था

पार्थ योजना के अंतर्गत शारीरिक प्रशिक्षण केंद्रों के लिए आवश्यक खेल अधोसंरचना की व्यवस्था का प्रावधान है। इसके अंतर्गत 400 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक, सिंडर एवं मड ट्रैक की उपलब्धता, लॉन्ग जंप पिट तथा आवश्यक उपकरण और उपयुक्त स्थान की व्यवस्था शामिल है। हाई जंप के लिए राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई गई है।

एक से 12 माह तक के प्रशिक्षण विकल्प का प्रावधान

पार्थ योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की अवधि को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है—

01 वर्ष का प्रशिक्षण : गहन तैयारी के लिए।

06 माह का प्रशिक्षण : मध्यम अवधि की तैयारी के लिए।

01 से 03 माह का प्रशिक्षण : त्वरित तैयारी के लिए।

प्रशिक्षण शुल्क स्थानीय परिस्थितियों एवं जिला स्तरीय समिति के निर्णय के अनुसार निर्धारित किए जाने का प्रावधान है। योजना के अंतर्गत तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 4 हजार रुपये, बालिकाओं के लिए तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 2 हजार रुपये तथा छह माह के प्रशिक्षण के लिए 8 हजार शुल्क का उल्लेख किया गया है।

युवाओं में अनुशासन, फिटनेस और रोजगार के अवसर बढ़ाने का उद्देश्य

पार्थ योजना का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से तैयार करना है। योजना के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है। योजना के अपेक्षित लाभों में युवाओं की शारीरिक क्षमता में वृद्धि, सुरक्षा बलों में भर्ती की सफलता दर को बढ़ावा देना, स्थानीय अधोसंरचना का उपयोग एवं रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन देना शामिल है।

नियमित मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन की व्यवस्था

पार्थ योजना के अंतर्गत योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मूल्यांकन के लिए संचालनालय स्तर पर अधिकारी नामांकित किए जाने का प्रावधान है। सभी जिलों की प्रगति रिपोर्ट संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, मध्यप्रदेश को प्रस्तुत की जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों की भर्ती सफलता दर को प्रमुख सफलता मानदंड के रूप में मापने का प्रस्ताव है। योजना की त्रैमासिक एवं वार्षिक समीक्षा भी की जाएगी।

 

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