पंचायत सहायकों को बड़ी सौगात, मानदेय ₹9 हजार हुआ; धरना खत्म

Editor
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लखनऊ
प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के लिए कई अहम निर्णय लेने की तैयारी कर ली है। वर्तमान में 6000 रुपये प्रतिमाह मानदेय पाने वाले पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 9000 रुपये किया जाएगा।

साथ ही मानदेय का भुगतान सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से करने, महिला पंचायत सहायकों को नियमानुसार मातृत्व अवकाश देने और पंचायत सहायकों को रखने व हटाने से जुड़े मामलों में जिलाधिकारी की भूमिका सुनिश्चित करने की बात कही गई है। आंदोलन और मांगों से जुड़े मुकदमों की समीक्षा कर नियमानुसार उन्हें वापस लेने की कार्रवाई भी होगी।

पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए। मानदेय में तीन हजार रुपये की मासिक बढ़ोतरी होने से पंचायत सहायकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।

डीबीटी की व्यवस्था होगी लागू
प्रदेश में 57 हजार से अधिक पंचायत सहायक हैं। अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी।

बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्राम प्रधान स्तर से मनमाने ढंग से सेवा समाप्ति की शिकायतों के समाधान के लिए पंचायत सहायकों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति से संबंधित मामलों में जिलाधिकारी की भूमिका व अधिकार सुनिश्चित किए जाएंगे।

महिला पंचायत सहायकों को शासन के नियमों के अनुसार मातृत्व अवकाश का लाभ मिलेगा। पंचायत सहायकों के आंदोलन व उनकी मांगों से संबंधित दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर विधिक प्रक्रिया के तहत वापसी की कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि पंचायत सहायक पंचायती राज व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। पंचायतीराज मंत्री की वार्ता के बाद धरना दे रहे पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।

 

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