वॉशिंगटन/नई दिल्ली
भारत की GDP ग्रोथ और उसके आंकड़ों को लेकर चल रही बहस के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने नए आर्थिक आंकड़ों और उन्हें तैयार करने के तरीके को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की है. IMF के मुताबिक भारत अब भी दुनिया की ग्रोथ के लिए प्रमुख इंजन बना हुआ है. इस प्रमुख वैश्विक संगठन का कहना है कि अपडेट किए गए इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) सीरीज आगे भारत की GDP ग्रोथ के अनुमान को और बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
नए IIP और PPI से क्या बदलेगा?
वहीं, IMF ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की रियल GDP ग्रोथ को उम्मीदों से बेहतर बताया है. वॉशिंगटन में हुई प्रेस ब्रीफिंग के दौरान IMF की कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट डायरेक्टर जूली कोजैक ने भारत के ताजा GDP आंकड़ों पर बात की. उन्होंने कहा कि नवीनतम GDP रिलीज में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) का नया इंडेक्स और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) की नई सीरीज शामिल की गई है. उनके मुताबिक, ये दोनों नई सीरीज भारत के GDP अनुमानों को बेहतर बनाने में मदद करेंगी. यानी आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों को मापने और GDP का अनुमान लगाने के लिए ज्यादा अपडेटेड डेटा उपलब्ध होगा।
IMF ने डेटा क्वालिटी पर क्या कहा?
जूली कोजैक ने भारत के मैक्रोइकोनॉमिक डेटा सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों को स्टैटिस्टिकल फ्रेमवर्क और डेटा क्वालिटी को और मजबूत करने की दिशा में इसी तरह आगे बढ़ना चाहिए. IMF की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत के आर्थिक आंकड़ों की गुणवत्ता और GDP की गणना को लेकर कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं. वहीं, सरकार का कहना है कि नए डेटा सेट और बदले हुए डेटा सिस्टम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़े अनुमानों को ज्यादा मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है।
7.8% GDP ग्रोथ पर IMF क्या बोला
IMF ने भारत की आर्थिक ग्रोथ के ताजा आंकड़ों को उम्मीद से बेहतर बताया. कोजैक के मुताबिक, भारत की रियल GDP पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, जो IMF स्टाफ की उम्मीद और दूसरी रेटिंग एजेंसियों के अनुमान से ज्यादा रही. उन्होंने कहा कि इस ग्रोथ को सर्विसेज और एक्सपोर्ट से मजबूती मिली. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एनर्जी प्राइस में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की घरेलू इकोनॉमी की मजबूती इस आंकड़े में दिखाई देती है।
MOSPI के आंकड़ों में क्या आया है
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) ने 31 अगस्त को FY 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के GDP आंकड़े जारी किए थे. इसके मुताबिक पहली तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8% रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 6.9% थी. इस दौरान मजबूत कैपिटल एक्सपेंडिचर, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर ने आर्थिक गतिविधियों को सहारा दिया. स्थिर कीमतों यानी 2022-23 के बेस ईयर पर रियल GDP ₹81.36 लाख करोड़ रही. FY 2025-26 की पहली तिमाही में यह ₹75.46 लाख करोड़ थी. वहीं मौजूदा कीमतों पर नॉमिनल GDP 10.3% बढ़कर ₹88.27 लाख करोड़ हो गई. एक साल पहले यह करीब ₹80 लाख करोड़ थी।
ग्रॉस वैल्यू एडेड में भी मजबूत ग्रोथ
GDP के साथ ग्रॉस वैल्यू एडेड यानी GVA के आंकड़ों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली. पहली तिमाही में रियल GVA 8.2% बढ़कर ₹73.82 लाख करोड़ रही. वहीं नॉमिनल GVA 11.5% बढ़कर ₹80.53 लाख करोड़ पहुंच गई. इससे संकेत मिलता है कि सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और दूसरे प्रमुख सेक्टरों में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई थीं. GDP किसी देश की इकोनॉमी की सबसे अहम तस्वीरों में से एक होती है. इसलिए इसे तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले आंकड़ों की क्वालिटी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।

