बिहार में बाढ़ का कहर बढ़ा, 13 जिलों की 34 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित; गंगा ने पार किया फ्लड मार्क

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पटना
 बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 13 जिलों की 34 लाख से अधिक आबादी बाढ़ और कटाव से प्रभावित हुई है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में मंगलवार को गंगा नदी ने फ्लड मार्क को क्रॉस कर दिया। इससे निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा सहित कई नदियां कई स्थानों पर खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं।

बिहार में बाढ़ से पटना, भागलपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, खगड़िया और मुंगेर समेत 13 जिले प्रभावित हैं। इन जिलों की 480 ग्राम पंचायतों में रहने वाले लगभग 34.31 लाख लोग प्रभावित हैं। सोमवार को यह आंकड़ा 29 लाख था। मंगलवार को नए इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया, जिससे चिंता बढ़ गई है।

हाजीपुर में नाव पलटी, दो लोग लापता
हाजीपुर के तेरसिया में बाढ़ के पानी में महात्मा गांधी सेतु के नीचे पाया नंबर 9 के पास मंगलवार को नाव पलट गई। नाव में कुल 11 लोग सवार थे। गंगा ब्रिज के पास यह हादसा हुआ। नाव सवार 9 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि, दो लोगों के डूबने की सूचना है। एसडीआरएफ की टीम उनकी तलाश कर रही है। वहीं, दूसरी ओर नाव पलटने के बाद बचाए गए एक व्यक्ति को सांप ने काट लिया।
हाजीपुर में नाव पलटने के बाद लापता लोगों की तलाश करती एसडीआरएफ टीम

नदियां उफान पर
डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक नदी, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।

भागलपुर में भी नाव पलटी
भागलपुर जिले के खरीक राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाके में मंगलवार सुबह एक छोटी नाव पलट गई। प्रशासन के अनुसार एसडीआरएफ के जवानों ने नाव पर सवार सभी 10 लोगों को बचा लिया।

बाढ़ में राहत कार्य
सरकार के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में कुल 432 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा, 14 राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं, जहां आवास, भोजन, चिकित्सा देखभाल और अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की गई है। बाढ़ पीड़ितों को अब तक लगभग 1.29 लाख पॉलिथीन शीट और 22900 सूखे राशन के पैकेट बांटे जा चुके हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 3142 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया जा चुका है। जलजमाव वाली जगहों पर आवागमन के लिए 1832 नावें चलाई जा रही है। बाढ़ को देखते हुए बिहार के विभिन्न जिलों में बचाव एवं राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं।

गंडक और कोसी बराज से डिस्चार्ज
गंडक बराज पर मंगलवार सुबह 10 बजे 104400 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जिसकी प्रवृत्ति स्थिर बनी हुई है। इस साल अब तक का सबसे अधिक डिस्चार्ज 14 जुलाई को 224000 क्यूसेक दर्ज किया गया था।

दूसरी ओर, कोसी बराज पर सुबह 10 बजे डिस्चार्ज गिरावट के क्रम में 169985 क्यूसेक था। इस साल अब तक इसका सर्वाधिक डिस्चार्ज 20 जुलाई को 255425 क्यूसेक रहा था।

लालू यादव ने बाढ़ पर एनडीए सरकार को घेरा
विपक्षी दल आरजेडी के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार की बाढ़ को लेकर एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया फेसबुक पर संसद का पुराना वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा हमने बिहार में राहत कार्य के लिए हमने यूपीए सरकार से लड़ाई लड़ी थी।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के दौरान बिहार के मंत्रियों ने राज्य को कुछ नहीं दिलाया। बस राज्य की हमारी सरकार बदनाम करने या काम किया। उन्होंने कहा कि आज जब बाढ़ के दौरान बिहार का खजाना खाली है तो हमें सड़क से संसद तक का अपना संघर्ष याद आ रहा है।

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